क्या सड़क हादसों को रोकने के लिए नियमों का पालन आवश्यक है?: सीएम विष्णुदेव साय
सारांश
Key Takeaways
- यातायात नियमों का पालन करें।
- दुर्घटना के समय सही समय पर मदद मिलना आवश्यक है।
- हेलमेट पहनना और सीट बेल्ट बांधना न भूलें।
- जागरूकता से सड़क सुरक्षा में सुधार किया जा सकता है।
- छत्तीसगढ़ को सुरक्षित प्रदेश बनाना है।
रायपुर, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर लोगों से एक विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पूरे देश में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। सरकार और पुलिस मिलकर ऐसे अभियान चला रही हैं ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके।
सीएम ने बताया कि हाल ही में रायपुर के शांति सरोवर में एक बड़ा आयोजन हुआ था। इस कार्यक्रम में रायपुर पुलिस की अभिनव पहल 'पुलिस मितान' के तहत करीब 4500 मितान तैयार किए गए हैं। ये मितान सड़क दुर्घटना की स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर घायल लोगों की मदद करेंगे और समय पर उनकी जान बचाने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना के बाद के पहले कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और यदि सही समय पर मदद मिल जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि आज उन सभी लोगों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने एक्सीडेंट के दौरान साहस दिखाते हुए दूसरों की जान बचाई। इसके साथ ही, यूनिस और एस्कॉर्ट गाइड के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा, ऐसे चालक जिन्होंने नियमों का पालन किया है और कभी सिग्नल नहीं तोड़ा है, उन्हें भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर चिंता व्यक्त की, बताते हुए कि छत्तीसगढ़ में हर साल करीब १४ हजार सड़क हादसे होते हैं, जिनमें लगभग ७ हजार लोगों की जान चली जाती है। वहीं, पूरे देश में हर साल करीब १ लाख ८० हजार लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत होती है। ये आंकड़े चिंताजनक हैं और यही कारण है कि सड़क सुरक्षा माह के माध्यम से जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
सीएम ने लोगों से अपील की कि वे यातायात नियमों को गंभीरता से लें। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें और चारपहिया में सीट बेल्ट बांधना न भूलें। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की जान बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जागरूकता और सामूहिक प्रयास से प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाई जा सकेगी। उनका लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ को सड़क सुरक्षा के मामले में एक सुरक्षित प्रदेश बनाया जाए।