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क्या मनी लॉन्ड्रिंग केस में साधु सिंह धर्मसोत और अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई?

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क्या मनी लॉन्ड्रिंग केस में साधु सिंह धर्मसोत और अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई?

सारांश

पंजाब के पूर्व वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत और अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है। ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि धर्मसोत ने भ्रष्टाचार के माध्यम से 1.77 करोड़ रुपये की अपराध आय अर्जित की। जानिए इस मामले के बारे में और क्या-क्या हुआ।

मुख्य बातें

साधु सिंह धर्मसोत पर मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं।
ईडी ने चार्जशीट दाखिल की है।
धर्मसोत ने बड़ी रिश्वत मांगी थी।
सरकारी धनराशि का गबन किया गया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

जालंधर, 3 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), जालंधर ने विशेष न्यायालय (पीएमएलए), मोहाली के समक्ष पंजाब के पूर्व वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत और चार अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इससे पहले ईडी ने साधु सिंह धर्मसोत के विरुद्ध 13 मार्च 2024 को अपनी पहली अभियोजन शिकायत दर्ज की थी, जिसमें विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए) द्वारा पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं।

पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने पंजाब वन विभाग के कामकाज में पाई गई कई अनियमितताओं के संबंध में भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कीं। इसके आधार पर ईडी ने जांच शुरू की।

ईडी की जांच में पता चला है कि साधु सिंह धर्मसोत ने तत्कालीन वन मंत्री के रूप में पंजाब सरकार में पेड़ों की कटाई के लिए परमिट देने, वन विभाग में अधिकारियों के स्थानांतरण, तैनाती करने और विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के एवज में भारी रिश्वत की मांग की और उसे स्वीकार किया। अब तक की जांच के आधार पर यह स्पष्ट हो गया कि धर्मसोत ने इस तरह के भ्रष्ट आचरण के माध्यम से 1.77 करोड़ रुपए की अपराध आय (पीओसी) अर्जित की।

आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच में पता चला है कि साधु सिंह धर्मसोत ने 6.34 करोड़ रुपए की पीओसी अर्जित की। इस संबंध में विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए) के समक्ष 14 मार्च 2024 को एक अभियोजन शिकायत दायर की गई थी।

ईडी की जांच में यह भी पता चला कि रेंज वन अधिकारी सुखविंदर सिंह और ब्लॉक अधिकारी मोहिंदरपाल सिंह ने 53.64 लाख रुपए की सरकारी धनराशि का गबन किया, जो बुढलाडा वन रेंज को प्रतिपूरक वनरोपण योजना के तहत ट्री गार्ड की खरीद के लिए आवंटित की गई थी।

जांच में पाया गया कि ट्री गार्ड की कोई खरीद नहीं की गई, बल्कि धनराशि अस्थायी श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में भेजी गई और बाद में नकद निकाल ली गई। इससे पहले आरएफओ सुखविंदर सिंह की 53.64 लाख रुपए की संपत्ति भी ईडी द्वारा अस्थायी रूप से कुर्क की गई थी।

ईडी ने 30 नवंबर 2023 को विभिन्न परिसरों की तलाशी भी ली थी और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 15 जनवरी 2024 को पंजाब के पूर्व वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को भी गिरफ्तार किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश भी भेजता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साधु सिंह धर्मसोत पर आरोप क्या हैं?
उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।
चार्जशीट कब दाखिल की गई?
चार्जशीट 3 सितंबर 2023 को दाखिल की गई।
ईडी ने कब जांच शुरू की?
ईडी ने जांच मार्च 2024 में शुरू की थी।
भ्रष्टाचार का कितना धन जब्त किया गया?
53.64 लाख रुपए की धनराशि जब्त की गई है।
क्या साधु सिंह धर्मसोत गिरफ्तार हुए हैं?
हाँ, उन्हें 15 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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