साध्वी प्राची का जोर: भारत में लव जिहाद और धर्मांतरण रोकने के लिए चाहिए कठोर कानून
सारांश
Key Takeaways
- लव जिहाद और धर्मांतरण पर कड़े कानून की आवश्यकता है।
- महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं को अवसर प्रदान करेगा।
- घुसपैठियों के खिलाफ कठोर निर्णय लेने की आवश्यकता है।
- ममता बनर्जी की तुष्टीकरण की राजनीति पर निगरानी रखी जानी चाहिए।
- साध्वी प्राची ने देश में सुरक्षा की स्थिति पर चिंता जताई।
सहारनपुर, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची ने राष्ट्र प्रेस के साथ विशेष बातचीत में लव जिहाद, घुसपैठियों, महिला आरक्षण विधेयक और पश्चिम बंगाल के चुनाव जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। यहां प्रस्तुत हैं बातचीत के महत्वपूर्ण अंश।
सवाल: तमिलनाडु महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष हज़ीना सैयद द्वारा अलका लांबा पर लगाए गए आरोपों पर आपकी क्या राय है?
जवाब: अलका लांबा और केरल की कांग्रेस नेता के बीच का विवाद उनके लिए ही समझ में आता है। ये महिलाएं एकतरफा प्यार के कारण भावुक हो जाती हैं। उन्हें देश के बंटवारे का इतिहास पढ़ना चाहिए कि हिंदुस्तान का विभाजन किसने किया। अगर वल्लभभाई पटेल प्रधानमंत्री होते, तो आज कोई समस्या नहीं होती। हिंदुस्तान के विभाजन के लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है।
सवाल: नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के लिए कितना लाभकारी होगा?
जवाब: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि महिलाओं को हर क्षेत्र में मौके मिलें। ३३ प्रतिशत महिलाओं का आरक्षण एक सकारात्मक कदम है और यह बिल जल्द से जल्द पास होना चाहिए। यह भारत को महिलाओं का सम्मान करने वाला देश बनाता है। मुझे प्रधानमंत्री का धन्यवाद देना है कि उन्होंने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के लिए समय बढ़ाया है।
सवाल: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आरएसएस पर हालिया बयान पर आपकी क्या राय है?
जवाब: खड़गे जैसे लोग अवसरवादी होते हैं। उन्हें अपने परिवार के दुख-दर्द की बजाय केवल राजनीति की चिंता रहती है। उन्हें याद रखना चाहिए कि हैदराबादराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने देशभक्ति की एक मिसाल पेश की है, ऐसे संगठन का विरोध वही करते हैं जिनके कर्म नेक नहीं हैं।
सवाल: प्रधानमंत्री मोदी ने ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण की राजनीति को लेकर आरोप लगाया। इस पर आपकी क्या राय है?
जवाब: ममता बनर्जी ने तुष्टीकरण की सीमाएं पार कर दी हैं। उन्हें केवल जिहादी दिखाई देते हैं और हिंदुओं की मदद नहीं करते। इस बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बंगाल में बनेगी।
सवाल: लखीमपुर खीरी के 'मियापुर' का नाम बदलकर 'रवींद्र नगर' रखने पर आपकी क्या राय है?
जवाब: जहां कोई मियां नहीं है, वहां का नाम मियापुर रखने का क्या मतलब है? मुख्यमंत्री योगी का धन्यवाद कि उन्होंने इसका नाम रविंद्र नाथ टैगोर के नाम पर रखा। भारतीय जनता पार्टी से यह अनुरोध है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऐसी और जगहें हैं जिनके नाम मियांओं के नाम पर हैं, उन्हें भी बदला जाना चाहिए।
सवाल: राहुल गांधी ने कहा है कि आरएसएस और भाजपा अंबेडकर और संविधान को खत्म करना चाहते हैं। इस पर आपकी क्या राय है?
जवाब: राहुल गांधी को इलाज की जरूरत है। वे केवल राजनीति करना चाहते हैं और यह नहीं जानते कि वे किसके बारे में बातें कर रहे हैं। उन्हें एक बार डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को पढ़ लेना चाहिए।
सवाल: प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने घुसपैठियों को चेतावनी दी है। इस पर आपकी क्या राय है?
जवाब: केवल प्रधानमंत्री और गृहमंत्री में ही इतनी हिम्मत है कि वे कठोर निर्णय लें। भारत में १० करोड़ घुसपैठिए हैं, जो यहां बच्चे पैदा कर रहे हैं और लोगों का रोजगार छीन रहे हैं। इन घुसपैठियों को बाहर निकालने की हिम्मत केवल भारतीय जनता पार्टी की सरकार में है।
सवाल: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने घोषणा पत्र में यूसीसी लागू करने का वादा किया है।
जवाब: ममता बनर्जी बताएं कि जब देश एक है तो दो विधान क्यों? भारत में एक ही विधान और संविधान लागू होगा। ममता का हाल 'खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे' जैसा है। वे जल्द ही सरकार में नहीं रहेंगी, इसलिए बौखलाई हुई हैं। प्रधानमंत्री, अमित शाह और अजीत डोभाल की वजह से आज भारत सुरक्षित है।
सवाल: लव जिहाद बढ़ता जा रहा है, इसकी परिभाषा क्या है?
जवाब: लव जिहाद की कोई परिभाषा नहीं होती। यह केवल जिहाद होता है, लव नहीं। १९९० में कश्मीर में एक लड़की के साथ जिहादियों ने अत्याचार किया जो मानवता को शर्मसार करता है।
सवाल: धर्मांतरण और लव जिहाद क्यों नहीं रुक रहा?
जवाब: जिस दिन लव जिहादियों को सजा मिलेगी, तब लव जिहाद रुक जाएगा। भारत का कानून कमजोर है, जबकि चीन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में कठोर कानून हैं। इसलिए लव जिहाद पर रोक लगाने के लिए भारत में कड़े कानूनों की जरूरत है।