क्या विदेशी महिला का बेटा देशभक्त नहीं हो सकता? साध्वी प्रज्ञा का बयान और सपा की प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- साध्वी प्रज्ञा ने विदेशी महिला के बेटे को देशभक्त न मानने का बयान दिया।
- समाजवादी पार्टी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
- महंगाई और बेरोजगारी पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।
भोपाल/लखनऊ, २३ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने राहुल गांधी के खिलाफ दिए गए अपने बयान में कहा कि एक विदेशी महिला का बेटा देशभक्त नहीं हो सकता है और वह शासन नहीं कर सकता। इस पर समाजवादी पार्टी ने तीखा जवाब दिया। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि देश के नागरिकों को ऐसे लोगों की ओर से सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है।
साध्वी प्रज्ञा ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा, "हमारे समाज में चाणक्य जैसे महान विचारक ने कहा था कि एक विदेशी महिला का बेटा शासन करने के लायक नहीं है और वह कभी देशभक्त नहीं हो सकता, यह सत्य है।"
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने पलटवार करते हुए कहा, "क्या किसी को साध्वी प्रज्ञा के सर्टिफिकेट की आवश्यकता है? किसे उनकी विचारधारा से यह तय करने की आवश्यकता है कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं? इसलिए हमें ऐसे लोगों के विचारों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा कि मंदिर और मस्जिद के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की कोई टिप्पणी नहीं होगी क्योंकि ये मुद्दे देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं।
चांद ने कहा, "देश के युवा बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। किसी भी राजनीतिक पार्टी या नेता के लिए आवश्यक मुद्दा ये हैं कि युवाओं को रोजगार मिले, महंगाई कम हो और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो। देश की प्रगति तभी संभव है जब देश खुशहाल होगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा और महंगाई कम होगी।"