सागर अदाणी बोले: भारत में नीतियां स्पष्ट, ₹100 अरब डॉलर से बनेगी देश की ऊर्जा रीढ़
सारांश
अदाणी ग्रीन एनर्जी के सागर अदाणी ने 'रेजिलिएंट फ्यूचर्स समिट' में साफ़ कहा — भारत की नीतिगत स्थिरता ही वह बुनियाद है जिस पर $100 अरब डॉलर का ऊर्जा दांव टिका है। रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ट्रांसमिशन और स्टोरेज को एक एकीकृत रणनीति में पिरोकर अदाणी समूह 1.4 अरब भारतीयों के लिए सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा का वादा कर रहा है।
मुख्य बातें
सागर अदाणी ने 29 अप्रैल को इकोनॉमिस्ट एंटरप्राइज रेजिलिएंट फ्यूचर्स समिट में भारत की ऊर्जा नीति की स्थिरता की सराहना की।
चेयरमैन गौतम अदाणी ने भारत के एनर्जी ट्रांजिशन में 100 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता जताई है, जिसे वैश्विक निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक बताया गया।
अदाणी समूह रिन्यूएबल एनर्जी, ऊर्जा भंडारण, ट्रांसमिशन नेटवर्क और ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम में एकीकृत निवेश कर रहा है।
सागर अदाणी ने आयातित ऊर्जा पर निर्भरता घटाने और घरेलू संसाधनों पर आधारित ऊर्जा प्रणाली बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि लचीलापन एकीकृत प्रणालियों — ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर — के तालमेल से बनता है।
अदाणी ग्रीन एनर्जी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने बुधवार, 29 अप्रैल को कहा कि भारत में नीतियां स्पष्ट और निरंतर हैं, जिससे परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इकोनॉमिस्ट एंटरप्राइज के 'रेजिलिएंट फ्यूचर्स समिट' में बोलते हुए उन्होंने अदाणी समूह की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का विस्तार से खाका पेश किया।
भारत की ऊर्जा रीढ़ बनने का संकल्प
सागर अदाणी ने स्पष्ट किया कि अदाणी समूह स्वयं को महज एक इन्फ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर नहीं, बल्कि कई दशकों के लिए भारत की ऊर्जा की रीढ़ मानता है। उन्होंने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
बल्कि एक सार्वजनिक विश्वास-निर्माण अभ्यास के रूप में भी पढ़ा जाना चाहिए। भारत की नीतिगत स्थिरता की प्रशंसा स्वाभाविक रूप से उस कारोबारी समूह से आती है जिसे इन नीतियों का सर्वाधिक लाभ मिला है — यह तथ्य स्वतंत्र विश्लेषकों के लिए विचारणीय है। असली परीक्षा यह है कि क्या यह एकीकृत रणनीति वास्तव में 1.4 अरब लोगों तक सस्ती ऊर्जा पहुँचाती है, या यह वैश्विक मंचों पर सुनाई देने वाली महत्वाकांक्षी घोषणा मात्र बनकर रह जाती है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सागर अदाणी ने 'रेजिलिएंट फ्यूचर्स समिट' में क्या कहा?
सागर अदाणी ने कहा कि भारत में नीतियां स्पष्ट और निरंतर हैं, जिससे क्रियान्वयन तेज़ हो रहा है। उन्होंने अदाणी समूह को कई दशकों के लिए भारत की ऊर्जा की रीढ़ बताया और गौतम अदाणी की $100 अरब डॉलर निवेश प्रतिबद्धता का उल्लेख किया।
गौतम अदाणी के $100 अरब डॉलर निवेश की योजना क्या है?
गौतम अदाणी ने भारत के एनर्जी ट्रांजिशन में $100 अरब डॉलर निवेश का ऐलान किया है, जिसे वैश्विक निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी प्रतिबद्धताओं में से एक बताया गया है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी, ऊर्जा भंडारण, ट्रांसमिशन नेटवर्क और ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम शामिल हैं।
अदाणी ग्रीन एनर्जी की एकीकृत ऊर्जा रणनीति में क्या शामिल है?
इस रणनीति में दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो का निर्माण, बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण, राष्ट्रव्यापी ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार और ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम का विकास शामिल है। इसके अतिरिक्त बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, हवाई अड्डे और डेटा केंद्र भी इसी समग्र दृष्टिकोण का हिस्सा हैं।
सागर अदाणी ने आयातित ऊर्जा पर निर्भरता को लेकर क्या कहा?
सागर अदाणी ने देश के भीतर उपलब्ध संसाधनों पर आधारित मज़बूत ऊर्जा प्रणाली बनाने पर ज़ोर दिया। उनके अनुसार विद्युतीकरण न केवल अधिक कुशल है, बल्कि भारत के लिए दीर्घकालिक स्थिरता का सबसे विश्वसनीय मार्ग भी है।
अदाणी समूह के अनुसार भारत की ऊर्जा सफलता का वैश्विक असर क्या होगा?
सागर अदाणी के अनुसार यदि भारत आवश्यक पैमाने पर प्रचुर, सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध करा पाता है, तो यह 1.4 अरब लोगों का उत्थान करेगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में भी सहायक होगा।