साहिबगंज हत्याकांड: गौरचंद्र बागती की हत्या का खुलासा, चचेरे भाई बहादुर बागती को पुलिस ने किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के साहिबगंज जिले में राधानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे मिले युवक गौरचंद्र बागती की हत्या का पुलिस ने 5 अक्टूबर 2026 को खुलासा किया। पुलिस ने इस मामले में मृतक के चचेरे भाई बहादुर बागती (44 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर आपसी रंजिश के कारण हत्या करने की बात स्वीकार की है।
घटनाक्रम: कब और कैसे मिला शव
4 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 4:45 बजे मोहनपुर चौक के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर गौरचंद्र बागती का शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही राधानगर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर जाँच शुरू की। प्रारंभिक जाँच में पुलिस के अनुसार युवक की गला रेतकर हत्या किए जाने की बात सामने आई।
विशेष छापामारी दल का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए साहिबगंज के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजमहल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विमलेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल गठित किया गया। इस दल ने घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों के साथ-साथ तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर जाँच आगे बढ़ाई। जाँच के दौरान संदेह की सुई मृतक के चचेरे भाई बहादुर बागती की ओर घूमी, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की।
आरोपी का कथित कबूलनामा और साक्ष्य
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान बहादुर बागती ने कथित तौर पर आपसी रंजिश के कारण गौरचंद्र की हत्या करने की बात स्वीकार की। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद कर जब्त कर लिया गया। इसके अलावा, घटनास्थल से एक चप्पल भी बरामद हुई थी, जिसे पुलिस ने जाँच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है।
आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, आरोपी के बयान और बरामद साक्ष्यों के आधार पर हत्या के घटनाक्रम की अन्य कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जाँच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। गौरतलब है कि परिवार के भीतर रंजिश से जुड़े इस तरह के मामले ज़िले में पहले भी सामने आ चुके हैं, जो ऐसे विवादों में त्वरित मध्यस्थता की ज़रूरत को रेखांकित करते हैं।