साहिबगंज में मॉर्निंग वॉक पर निकले गौर चंद्र बागती की गला रेतकर हत्या, राधानगर पुलिस जांच में जुटी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के साहिबगंज जिले में 4 अक्टूबर 2026 की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले एक स्थानीय निवासी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। घटना राधानगर थाना क्षेत्र के मोहनपुर चौक के निकट मुख्य सड़क पर हुई, जहाँ मृतक का खून से लथपथ शव पड़ा मिला।
मृतक की पहचान और घटनाक्रम
मृतक की पहचान मोहनपुर गांव निवासी गौर चंद्र बागती के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बागती प्रतिदिन सुबह घर से टहलने के लिए निकलते थे। रविवार सुबह भी वे हमेशा की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे, उसी दौरान मोहनपुर चौक के पास अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर उनके गले पर वार किया।
गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। हमला करने के बाद आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए। सुबह उसी मार्ग से गुज़र रहे स्थानीय लोगों ने शव देखा और तत्काल पुलिस व परिजनों को सूचित किया। कुछ ही देर में घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच
सूचना मिलते ही राधानगर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजमहल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) विमलेश कुमार त्रिपाठी और पुलिस इंस्पेक्टर राजीव रंजन भी घटनास्थल पर पहुँचे।
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास से साक्ष्य जुटाए। फॉरेंसिक टीम की मदद से भी ज़रूरी सबूत एकत्र किए जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
हत्या के कारणों की तलाश
पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस वारदात के पीछे क्या कारण हो सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, हत्या के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हैं और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सुबह की सैर के दौरान आपराधिक घटनाओं को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह की हत्याएं स्थानीय कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है।