12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सलारपुर खादर में अवैध निर्माण के खिलाफ प्राधिकरण की कार्रवाई सफल होगी?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सलारपुर खादर में अवैध निर्माण के खिलाफ प्राधिकरण की कार्रवाई सफल होगी?

सारांश

सलारपुर खादर में अवैध निर्माण के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण की कार्रवाई में किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। जानिए इस मामले में आगे क्या होगा और किसानों की मांगें क्या हैं।

मुख्य बातें

सलारपुर खादर में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई।
किसान संगठनों ने विरोध किया और कार्रवाई रोकी।
अवैध निर्माणों में भूजल का अवैध दोहन हो रहा है।
प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण अभियान चलाने की योजना बनाई है।
किसानों और प्राधिकरण के बीच संवाद की आवश्यकता है।

नोएडा, 10 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा प्राधिकरण ने सलारपुर खादर गांव में अवैध रूप से खड़ी की गई इमारतों पर कार्रवाई शुरू की, लेकिन किसान संगठनों के विरोध के कारण टीम को कुछ समय बाद लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार, यहां लगभग 24 खसरों पर 39 डेवलपर ने अवैध रूप से 60 से अधिक बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दी हैं। इनमें ज्यादातर छह से सात मंजिल की इमारतें हैं, जिनमें 1 बीएचके से लेकर 3 बीएचके फ्लैट विकसित किए जा रहे हैं।

इन फ्लैटों की कीमत 30 लाख से लेकर 65 लाख रुपये तक बताई जा रही है। प्राधिकरण की टीम जब आज भारी पुलिस बल, छह जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ सलारपुर खादर पहुंची, तो किसान संगठन मौके पर पहुंच गए और विरोध जताने लगे। इस दौरान खसरा नंबर 795, 796 और 797 पर बने निर्माण को ध्वस्त करने की तैयारी हो रही थी, लेकिन किसानों ने कोर्ट से मिले स्टे ऑर्डर की कॉपी दिखा दी। इसके बाद प्राधिकरण ने वहां कार्रवाई रोक दी और अन्य खसरा नंबर 781, 735 और 736 पर बने अवैध ढांचे को ध्वस्त किया।

टीम ने सड़क किनारे बने टीन शेड और साइट ऑफिस को गिरा दिया। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि ये सभी निर्माण अवैध हैं और अधिसूचित व अर्जित भूमि पर खड़े किए गए हैं। प्राधिकरण ने पहले भी डेवलपर्स को नोटिस जारी किए थे, लेकिन उन्होंने चोरी-छिपे निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया। अब इनके खिलाफ भू-माफिया के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जिला प्रशासन से बैठक हो चुकी है और आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा।

प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि इन अवैध निर्माणों में बड़े पैमाने पर भूजल का अवैध दोहन किया जा रहा है। इसे रोकने के लिए डीएम को पत्र लिखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि पानी की सप्लाई बंद होते ही यहां चल रहा अवैध निर्माण कार्य अपने आप रुक जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई आवश्यक है, लेकिन किसानों के अधिकारों का सम्मान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सरकार को संतुलन बनाते हुए दोनों पक्षों की चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सलारपुर खादर में अवैध निर्माण क्यों हो रहे हैं?
कई डेवलपर्स ने बिना अनुमति के निर्माण कार्य शुरू किया है, जिसके कारण अवैध निर्माण हो रहे हैं।
किसान संगठनों का विरोध क्यों है?
किसान संगठनों का कहना है कि यह उनके अधिकारों का उल्लंघन है और कोर्ट का स्टे ऑर्डर भी है।
नोएडा प्राधिकरण का क्या कहना है?
प्राधिकरण का कहना है कि सभी निर्माण अवैध हैं और इन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भूजल का अवैध दोहन कैसे हो रहा है?
इन अवैध निर्माणों के कारण बड़े पैमाने पर भूजल का दोहन किया जा रहा है।
आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?
प्राधिकरण ने बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 11 महीने पहले
  2. 11 महीने पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 12 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले