क्या संभावनाओं का साल 2026 है? पूरे साल में लगेंगे 4 ग्रहण, भारत में सिर्फ एक का ही सूतक काल होगा मान्य

Click to start listening
क्या संभावनाओं का साल 2026 है? पूरे साल में लगेंगे 4 ग्रहण, भारत में सिर्फ एक का ही सूतक काल होगा मान्य

सारांश

वर्ष 2026 में चार ग्रहण होंगे, जिनमें से केवल एक चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। जानें इन ग्रहणों का महत्व और सूतक काल के बारे में।

Key Takeaways

  • वर्ष 2026 में चार ग्रहण होने वाले हैं।
  • भारत में केवल 3 मार्च का चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।
  • ग्रहण के दौरान सूतक काल का महत्व है।

नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2026 का आगाज़ हो चुका है और यह खगोल विज्ञान के प्रेमियों के लिए विशेष अवसर लेकर आया है। इस वर्ष कुल चार ग्रहण होंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं, लेकिन यह चारों ग्रहण भारत में एक समान नहीं देखे जा सकेंगे।

भारत में केवल एक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। शेष तीन ग्रहण या तो हमारे देश में नहीं दिखाई देंगे या फिर उनके प्रभाव को देख पाना कठिन होगा।

वर्ष का पहला ग्रहण 17 फरवरी को होगा। यह एक सूर्य ग्रहण है, जिसे वलयाकार सूर्य ग्रहण या 'रिंग ऑफ फायर' कहा जाता है। इस ग्रहण में सूर्य का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा ढक जाएगा और यह लगभग 2 मिनट 20 सेकंड तक रहेगा। यह ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अर्जेंटीना और अंटार्कटिका में दिखाई देगा। भारत में यह नहीं देखा जा सकेगा, इसलिए इसका सूतक काल भी लागू नहीं होगा।

इसके बाद 3 मार्च 2026 को वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा और यह भारत में पूरी तरह दिखाई देगा। यही वह ग्रहण है जिसे हम सीधे देख सकेंगे। यह चंद्र ग्रहण लगभग 58 मिनट तक रहेगा और इस दौरान चंद्रमा का रंग लाल हो जाएगा। इसे लोग ब्लड मून भी कहते हैं। खगोलशास्त्र के अनुसार, यह 2029 से पहले का आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। इस ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य होगा, जिसका धार्मिक और पारंपरिक महत्व भी रहेगा।

तीसरा ग्रहण 29 जुलाई को लगेगा। यह भी सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन दुर्भाग्य से यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसे देखने के लिए अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में रहना पड़ेगा। चूंकि भारत में यह नहीं देखा जाएगा, इसलिए इसका सूतक काल भी यहां मान्य नहीं होगा।

वर्ष का चौथा और अंतिम ग्रहण 28 अगस्त को होगा। यह दूसरा चंद्र ग्रहण है, जो उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा, लेकिन भारत से इसे देखा नहीं जा सकेगा। इसका भी सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा।

कुल मिलाकर, वर्ष 2026 में चार ग्रहण होंगे, लेकिन भारत में केवल 3 मार्च का पूर्ण चंद्र ग्रहण ही दिखाई देगा।

Point of View

खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले भारतीयों के लिए वर्ष 2026 खास होगा। हालांकि, ग्रहणों की दृश्यता सीमित है, लेकिन यह भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण अवसर को दर्शाता है।
NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

2026 में कितने ग्रहण होंगे?
2026 में कुल चार ग्रहण होंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं।
भारत में कौन सा ग्रहण दिखाई देगा?
भारत में केवल 3 मार्च का पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।
ग्रहण का सूतक काल क्या है?
ग्रहण का सूतक काल वह समय होता है जब ग्रहण लगने से पहले धार्मिक या पारंपरिक गतिविधियों से परहेज किया जाता है।
Nation Press