क्या 'तेजस्वी बर्बाद हो जाएंगे'? सीएम नीतीश के खिलाफ राजद नेताओं के बयानों पर संतोष सुमन की प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- तेजस्वी यादव को आलोचना बंद करने की सलाह दी गई है।
- राजद को 25 सीटों पर सीमित किया गया है।
- अगर राजद ने अपनी आदतें नहीं बदलीं, तो अगली बार उन्हें 5 सीटों पर रहना पड़ सकता है।
- नीतीश कुमार को गरीबों का मसीहा बताया गया।
- मनरेगा में रोजगार दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।
पटना, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री संतोष सुमन ने तेजस्वी यादव (राजद नेता) को सलाह देते हुए कहा कि विधानसभा में विपक्ष के नेता को अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को यह समझाना चाहिए कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बिना वजह आलोचना करना बंद करें।
सुमन ने चेतावनी देते हुए कहा कि वर्तमान में बिहार की जनता ने उन्हें (राजद को) 25 सीटों पर सीमित कर दिया है। अगर वे अब भी नहीं सुधरे, तो अगली बार जनता उन्हें केवल 5 सीटों पर लाकर छोड़ देगी। संतोष सुमन का यह बयान उस समय आया है जब हिजाब विवाद के कारण राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से नीतीश कुमार को टारगेट किया जा रहा है।
बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन ने पटना में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि राजद तब से ऐसा कह रहा है जब से तेजस्वी यादव के पास सत्ता नहीं है। बिहार विधानसभा चुनाव में जनता ने अपना जनादेश दिया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भरोसा जताकर उन्हें फिर से नियुक्त किया। एनडीए ने 2010 के नतीजों को दोहराया। इस चुनाव में नीतीश कुमार को टारगेट करने वाली राजद को जनता ने 25 सीटों के साथ वापस भेज दिया। जनता ने सबसे बड़ी पार्टी को भी नहीं बख्शा, जो अपना दबदबा दिखा रही थी। अगर वे अपनी आदतें नहीं सुधारते और नीतीश कुमार पर पहले की तरह बोलते रहे, तो जनता उन्हें 5 सीटों तक भी सीमित कर सकती है।
संतोष सुमन ने आगे कहा कि मेरी सलाह है कि तेजस्वी यादव खुद को सुधारें, लोगों के बीच कार्य करें और उनका भरोसा जीतें। नीतीश कुमार गरीबों के मसीहा हैं, उन पर कुछ भी बोलेंगे तो जनता जवाब देगी। उन्होंने हर एक व्यक्ति के लिए काम किया है। ऐसे व्यक्ति पर बोलेंगे तो बर्बाद हो जाएंगे।
मनरेगा का नाम बदले जाने पर उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम आलोचना करना होता है, इससे ज्यादा वे क्या कर सकते हैं। सरकार कभी-कभी किसी योजना का नाम किसी के नाम पर रखती है। अगर बदला गया है तो सरकार ने कुछ सोच-समझकर रखा होगा, इसे किसी विशेष दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए। मुद्दा सभी के हित में है। यह काम का कार्यक्रम है, मनरेगा में ज्यादा से ज्यादा रोजगार दिलाना हमारी प्राथमिकता है।
सांसद सुप्रिया सुले के ईवीएम पर दिए बयान पर उन्होंने कहा कि जाहिर सी बात है कि अगर ईवीएम में गड़बड़ी होती तो हम 243 सीटें जीत जाते और सभी प्रदेश में हमारी सरकार होती। विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि आपका होमवर्क सही नहीं है, ग्राउंड पर जनता से सरोकार नहीं है तो ईवीएम पर बहाना बनाएंगे, जनता सब कुछ जानती है।
उन्होंने नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इससे भाजपा की सोच नजर आती है। एक युवा चेहरे को आगे बढ़ाया गया है। बिहार से राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है, वे बिहार में हमारे साथी हैं। उन्हें हमारी ओर से शुभकामनाएं। बिहार से नितिन नबीन का उदय होना बिहार के लिए शुभ संकेत है। उन्हें दायित्व मिला है, वे इसका निर्वहन करेंगे।