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क्या सरदार पटेल की जयंती पर केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री मोदी की एकता की बात की?

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क्या सरदार पटेल की जयंती पर केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री मोदी की एकता की बात की?

सारांश

लखनऊ में, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सरदार पटेल की जयंती पर मोदी सरकार की एकता की दिशा में किए गए प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह समय है जब भारत सरदार पटेल के सपनों को साकार कर रहा है। जानें इस महत्वपूर्ण बयान के पीछे का उद्देश्य।

मुख्य बातें

सरदार पटेल की जयंती पर एकता का संदेश प्रधानमंत्री मोदी का योगदान स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का महत्व आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत का कदम सरदार पटेल के सपनों को साकार करने का संकल्प

लखनऊ, 31 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उस एकता के सूत्र को और मजबूत कर रहे हैं, जिसे लौहपुरुष ने स्वतंत्र भारत की नींव को बुना था। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृतकाल में मोदी सरकार ने पटेल के सपनों को धरातल पर उतारने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए हैं।

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर उपमुख्यमंत्री मौर्य ने कहा कि आजादी के अमृतकाल में यह देश का सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है, जो सरदार पटेल के अधूरे सपनों को साकार कर रहे हैं।

मौर्य ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के जिस सूत्र को सरदार पटेल ने बुना था, उसे पीएम मोदी ने और अधिक मजबूती प्रदान की है।

उन्होंने कहा, “कच्छ से कामरूप और कश्मीर से कन्याकुमारी तक आज एकता, आत्मनिर्भरता और आत्मगौरव की भावना स्पष्ट दिखाई देती है।”

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जोड़ा, “स्वतंत्रता के दशकों बाद सरदार पटेल के सपनों को धरातल पर उतारने की दिशा में मोदी सरकार ने ठोस और ऐतिहासिक प्रयास किए हैं।”

उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की स्मृति में गुजरात के केवड़िया में निर्मित 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आज आधुनिक भारत की पहचान बन चुकी है। यह केवल लोहे और पत्थर की संरचना नहीं, बल्कि भारत की एकता, संस्कृति और संकल्प की सजीव प्रतिमूर्ति है।

मौर्य ने बताया कि यह प्रतिमा नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के निकट स्थापित है, जिसकी कल्पना सरदार पटेल ने स्वतंत्रता से पहले की थी। उन्होंने कहा, “इस परियोजना से गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के लाखों किसान सिंचाई, पेयजल और बिजली की सुविधाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का स्थल केवल पर्यटन का केंद्र नहीं, बल्कि विरासत और विकास का संगम है। यह प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता और राष्ट्र निर्माण की भावना का प्रतीक है, जो भारत को परंपरा और प्रगति के संगम के रूप में नई पहचान दे रहा है।

मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी प्रत्येक वर्ष सरदार पटेल की जयंती पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और ‘रन फॉर यूनिटी’ के माध्यम से देशवासियों को एकता का संदेश देते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि जीवन में कम से कम एक बार इस पावन स्थल की यात्रा अवश्य करें, क्योंकि यह केवल एक स्मारक नहीं बल्कि एक विचारधारा का केंद्र है जो हमें सिखाता है कि एकजुट भारत ही सशक्त भारत है.

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राष्ट्र की प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरदार पटेल की जयंती कब मनाई जाती है?
सरदार पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को मनाई जाती है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्या है?
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी गुजरात के केवड़िया में स्थित है और यह सरदार पटेल की स्मृति में बनाई गई है।
प्रधानमंत्री मोदी हर साल सरदार पटेल की जयंती पर क्या करते हैं?
प्रधानमंत्री मोदी हर साल सरदार पटेल की जयंती पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
सरदार पटेल के सपनों को साकार करने के लिए मोदी सरकार ने क्या प्रयास किए हैं?
मोदी सरकार ने आत्मनिर्भरता, एकता और विकास के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है सरदार पटेल का योगदान?
सरदार पटेल ने भारत की एकता और अखंडता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्र प्रेस
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