सरकारी कर्मचारियों के डेटा की चोरी एक गंभीर चिंता: केसी वेणुगोपाल
सारांश
Key Takeaways
- सरकारी कर्मचारियों का डेटा बेहद महत्वपूर्ण है।
- डेटा चोरी अनुचित है।
- केरल हाईकोर्ट ने सख्त आदेश दिए हैं।
- बच्चों के मन में जहर भरना चिंता का विषय है।
- हमें इस मुद्दे की गंभीरता समझनी होगी।
तिरुवनंतपुरम, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केरल हाईकोर्ट के उस फैसले का समर्थन किया है जिसमें सरकारी कर्मचारियों के डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। उन्होंने कहा कि हम कोर्ट के इस निर्णय का स्वागत करते हैं।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पूरे राज्य में सरकारी कर्मचारियों से संबंधित डेटा की चोरी की जा रही है, जो अत्यधिक अनुचित है। हम इसके खिलाफ हैं। अब केरल हाईकोर्ट का जो फैसला आया है, उसे हम सकारात्मक दृष्टि से देखते हैं।
केसी वेणुगोपाल ने आगे कहा कि किसी भी राज्य में सरकारी कर्मचारियों का डेटा अत्यंत मूल्यवान होता है। अगर इस डेटा के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की जा रही है या इसे चुराया जा रहा है, तो हम इसका सख्त विरोध करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है। हमें इस पर गहराई से विचार करना होगा। क्या आप सरकारी कर्मचारियों का डेटा निजी कंपनियों को सौंप रहे हैं? आपकी मंशा क्या है? यह डेटा कहीं भी दुरुपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए केरल हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा है। कोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त आदेश दिए हैं कि हमें इस तरह के अनुचित कृत्यों से बचना होगा। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। ऐसा करना सरकारी कर्मचारियों की निजता पर हमला है। ये वे कर्मचारी हैं जो सरकार के लिए काम करते हैं।
इसके अलावा, उन्होंने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पहले इन लोगों ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल किया। जब इससे भी संतोष नहीं मिला, तो उन्होंने मासूम बच्चों के मन में जहर भरना शुरू कर दिया। लेकिन हमें विश्वास है कि एक दिन ऐसा आएगा जब उन्हें देश छोड़कर जाना होगा और तब हम आकर आवश्यक बदलाव करेंगे।