सवाई माधोपुर में चीता जंगल की ओर लौटा, वन विभाग ने जारी की चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- वन विभाग ने चीते की गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी हुई है।
- रिहायशी क्षेत्रों में चीते का मूवमेंट चिंता का विषय बना था।
- चीता अब जंगल की ओर लौट गया है, जिससे राहत मिली है।
सवाई माधोपुर, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में एक चीते की गतिविधियों को लेकर वन विभाग पूरी तरह से चौकसी बरत रहा है। कूनो नेशनल पार्क से आया चीता, जिसे केपी-2 के नाम से जाना जाता है, हाल ही में रणथंभौर क्षेत्र में देखा गया। अब नवीनतम जानकारी के अनुसार, चीता रिहायशी क्षेत्र से बाहर निकलकर फिर से जंगल की ओर लौट गया है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह चीता पिछले दिन शाम से रिहायशी इलाकों में सक्रिय था, जिससे स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल बन गया था। सुरक्षा के मद्देनजर, वन विभाग की टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। मंगलवार सुबह, चीते की दिशा में बदलाव आया और उसे जंगल की ओर जाते हुए ट्रैक किया गया, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
सूत्रों के अनुसार, फिलहाल चीते का मूवमेंट रणथंभौर नेशनल पार्क के जोन 8 की ओर है। वन विभाग की टीमें उसकी लोकेशन को लगातार ट्रैक कर रही हैं ताकि किसी संभावित खतरे को समय पर रोका जा सके। इस पूरे घटनाक्रम की निगरानी जिला वन अधिकारी मानस सिंह स्वयं कर रहे हैं और उन्होंने संबंधित टीमों को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं।
वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी चीते की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं और समय-समय पर डीसीएफ को अपडेट प्रदान कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही, स्थानीय निवासियों से यह अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी वन्यजीव को देखने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करें।
गौरतलब है कि वन विभाग का मुख्य उद्देश्य चीते की सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जिसके लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।