सिंधिया का मस्क के आरोपों पर पलटवार: भारत किसी क्षेत्र में एकाधिकार नहीं देता, 3 कंपनियों को सैटकॉम लाइसेंस
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 9 अक्टूबर 2026 को इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के मंच से स्पष्ट किया कि भारत किसी भी क्षेत्र में एकाधिकार की अनुमति नहीं देता। उनका यह बयान अरबपति उद्यमी एलन मस्क के उन आरोपों के जवाब में आया है, जिनमें कहा गया था कि भारत सैटेलाइट संचार (सैटकॉम) नियमों को भेदभावपूर्ण तरीके से लागू कर रहा है।
सिंधिया का सीधा जवाब
सिंधिया ने IMC 2026 के दौरान कहा, 'एक विशेष कंपनी को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन तीन कंपनियों को सैटकॉम लाइसेंस मिले हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि सैटेलाइट संचार सेवा प्रदाता राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं और निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद ही अपना परिचालन शुरू कर सकते हैं — और यह नियम सभी कंपनियों पर समान रूप से लागू है।
संचार मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया कि गैर-भूस्थिर उपग्रह नेटवर्क संचालित करने वाली ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट (GMPCS) सेवा के तीन प्रदाताओं को दूरसंचार लाइसेंस जारी किए गए हैं, और सभी लाइसेंसधारकों के लिए नियामकीय तथा सुरक्षा अनुपालन की शर्तें एकसमान हैं।
सुरक्षा मंजूरी की अड़चन
संचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने IMC 2026 की साइडलाइन में बातचीत में बताया कि भारत में सैटेलाइट संचार सेवाओं की वाणिज्यिक शुरुआत फिलहाल गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी मिलने का इंतजार कर रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सभी सैटकॉम कंपनियाँ नियामकीय प्रक्रिया के लगभग समान चरण में हैं।
पेम्मासानी ने कहा, 'अब सुरक्षा मंजूरी का मामला गृह मंत्रालय के पास लंबित है। जैसे ही मंजूरी मिल जाएगी, उन्हें यह मिल जाएगी। इसका किसी एक कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है।' दूरसंचार विभाग (DoT) सैटकॉम सेवा प्रदाताओं को लाइसेंस और स्पेक्ट्रम से संबंधित अस्थायी मंजूरियाँ पहले ही जारी कर चुका है।
कांग्रेस पर तीखा प्रहार
विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मस्क का बचाव किए जाने के बाद सिंधिया ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस को खुद नहीं पता कि वह 'बाएं जा रही है या दाएं।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सैटकॉम विवाद एक राजनीतिक रंग भी ले चुका है।
भारत की डिजिटल प्रगति पर जोर
सिंधिया ने इस अवसर पर कनेक्टिविटी और डिजिटल बुनियादी ढाँचे में भारत की उपलब्धियों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि देश में अब 1.1 अरब ब्रॉडबैंड कनेक्शन हो चुके हैं और 99.9% ज़िलों में 5G कवरेज उपलब्ध है। यह आँकड़े भारत की डिजिटल महत्वाकांक्षाओं को रेखांकित करते हैं, जिसके चलते सैटेलाइट ब्रॉडबैंड बाज़ार में वैश्विक खिलाड़ियों की दिलचस्पी बढ़ी है।
आगे क्या होगा
गृह मंत्रालय की सुरक्षा मंजूरी मिलते ही सभी तीन लाइसेंसधारी सैटकॉम कंपनियाँ वाणिज्यिक सेवाएं शुरू करने के लिए स्वतंत्र होंगी। सरकार का रुख स्पष्ट है — नियामकीय प्रक्रिया किसी एक कंपनी के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी के लिए एकसमान है।