पलक्कड़ में मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या, सात आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
केरल के पलक्कड़ जिले में मूलाथरा बांध के पास एक 40 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति की कथित तौर पर बर्बरतापूर्वक पीट-पीटकर हत्या के मामले में 14 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान अभी तक स्थापित नहीं हो सकी है और पुलिस तमिलनाडु तक तलाश कर रही है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, यह घटना शनिवार शाम को हुई। मुख्य आरोपी मूलक्कडावु निवासी कथिरेसन और उसके छह साथी — नवीन, कार्तिक, संजय, प्रशांत, मणिकंदन और सूर्यप्रकाश — कथित तौर पर शराब के नशे में थे। आरोपियों में से छह की उम्र 30 साल से कम है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने उस व्यक्ति को एक ताड़ी की दुकान के पास देखा और फिर करीब आधा किलोमीटर तक उसका पीछा करते हुए पत्थर फेंकते रहे। इसके बाद मूलाथरा बांध के पास उसे घेरकर लकड़ी के लट्ठों और पत्थरों से उसके चेहरे और सिर पर बार-बार वार किए।
क्रूरता की पराकाष्ठा
पुलिस ने बताया कि जब घायल व्यक्ति मूलाथरा रेगुलेटर के पास जमीन पर गिर गया, तब भी हमला नहीं रोका गया। बेहद चिंताजनक यह भी सामने आया कि घायल अवस्था में जब उस व्यक्ति ने पानी माँगा, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उसके मुँह में शराब डाल दी।
पुलिस के अनुसार, मृतक मानसिक बीमारी से पीड़ित था और संभवतः बोलने में भी असमर्थ था। आरोपी इस बात से क्षुब्ध थे कि बार-बार चेतावनी देने के बाद भी वह व्यक्ति कथिरेसन के घर के सामने आकर सो जाता था।
शव की बरामदगी और पोस्टमार्टम
रविवार सुबह करीब 8:30 बजे स्थानीय निवासियों ने मूलाथरा बांध के पास शव देखा और पुलिस को सूचित किया। त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुए पोस्टमार्टम ने हत्या की पुष्टि की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, गंभीर मारपीट के कारण आंतरिक रक्तस्राव से मृत्यु हुई। शव पर कई स्थानों पर चोटों के निशान मिले और चेहरे पर पत्थरों से किए गए हमलों के गहरे घाव पाए गए।
गिरफ्तारी और जाँच
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जाँच के बाद सातों आरोपियों को गिरफ्तार किया। जाँच एजेंसी अब यह भी पता लगा रही है कि इस हत्या में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
गौरतलब है कि मृतक की पहचान स्थापित करने के लिए पुलिस तमिलनाडु तक संपर्क कर रही है, जिससे संकेत मिलता है कि वह दूसरे राज्य का निवासी रहा होगा। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब मानसिक रूप से अस्वस्थ बेघर व्यक्तियों की सुरक्षा को लेकर व्यापक बहस चल रही है।
आगे क्या होगा
सभी सात आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उन पर हत्या के आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की व्यापक जाँच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य संलिप्त व्यक्ति बच न सके।