पालघर में हथौड़े से महिला की हत्या: दो आरोपी गिरफ्तार, 22 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पालघर जिले में 15 अक्टूबर 2026 को एक मामूली कहासुनी के बाद 52 वर्षीया सजानी विनोद वाघारी की हथौड़े से सिर पर प्रहार कर हत्या कर दी गई। सफाले पुलिस थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों — नीलेश धर्माजी चिभाडे (35) और उज्ज्वला नवसु खुटाडे (33) — को गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय ने दोनों को 22 अक्टूबर 2026 तक पाँच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
पालघर तालुका के अदवान सावरपाड़ा निवासी वाघारी 15 अक्टूबर 2026 को तेपाचा पाड़ा स्थित एक लोहे के पुल के निकट घायल अवस्था में मिली थीं। उन्हें तत्काल सफाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभ में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 194 के तहत आकस्मिक मृत्यु का मामला (संख्या 32/2026) दर्ज किया गया था। परंतु चिकित्सा परीक्षण में महिला के कान के पीछे एक गहरी चोट मिली, जो स्पष्ट रूप से किसी कुंद हथियार से लगी थी और जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ था।
हत्या का मामला कैसे दर्ज हुआ
चिकित्सकीय साक्ष्य सामने आने के बाद पुलिस को हत्या का संदेह हुआ और उसी दिन भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मामला (संख्या 119/2026) दर्ज किया गया। इस प्रकार एक ही दिन में आकस्मिक मृत्यु का प्रकरण हत्या के मामले में बदल गया — जो दर्शाता है कि प्रारंभिक जाँच में शव की तत्काल फोरेंसिक जाँच कितनी महत्वपूर्ण होती है।
जाँच और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पालघर पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने स्थानीय अपराध शाखा और सफाले पुलिस स्टेशन की अलग-अलग टीमें गठित कीं। टीमों ने गोपनीय सूचनाओं और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर सुराग खंगाले और अंततः दोनों संदिग्धों की पहचान की।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि एक मामूली कहासुनी के बाद उन्होंने वाघारी के सिर पर हथौड़े से प्रहार किया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
अधिकारियों की भूमिका
यह मामला एसपी यतीश देशमुख, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनायक नारले और पालघर मंडल के उप-मंडल पुलिस अधिकारी उमेश गावली के मार्गदर्शन में सुलझाया गया। आगे की जाँच सफाले पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक दत्ता शेल्के द्वारा की जा रही है।
क्या होगा आगे
दोनों आरोपी 22 अक्टूबर 2026 तक पुलिस हिरासत में रहेंगे, जिस दौरान पुलिस घटना की पूरी परिस्थितियाँ, हत्या का हथियार और संभावित साजिश का पता लगाएगी। अन्वेषण अधिकारियों के अनुसार, मामले में और तथ्य सामने आ सकते हैं।