13 सितंबर 2026
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पालघर रिलीफ हॉस्पिटल मारपीट: शिवसेना के 7 पदाधिकारी गिरफ्तार, जिलाध्यक्ष कुंदन सांखे भी हिरासत में

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पालघर रिलीफ हॉस्पिटल मारपीट: शिवसेना के 7 पदाधिकारी गिरफ्तार, जिलाध्यक्ष कुंदन सांखे भी हिरासत में

सारांश

दही हांडी पर्व में घायल गोविंदाओं के इलाज के दौरान बिल विवाद में भड़की हिंसा अब राजनीतिक रंग ले चुकी है। पालघर रिलीफ हॉस्पिटल में मारपीट और आईसीयू में जबरन घुसपैठ के मामले में शिवसेना के 7 पदाधिकारी गिरफ्तार, एक फरार — कुल 21 आरोपी अब सलाखों के पीछे।

मुख्य बातें

पालघर पुलिस ने 13 सितंबर 2026 को रिलीफ हॉस्पिटल मारपीट मामले में 7 शिवसेना पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार लोगों में शिवसेना जिलाध्यक्ष कुंदन सांखे और शहर प्रमुख राहुल घरत शामिल; एक आरोपी अब भी फरार।
कुल 22 आरोपियों में से अब तक 21 गिरफ्तार ; पहले 14 को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका था।
विवाद ₹19,866 के बिल पर 20% छूट के बावजूद भुगतान न करने और मरीज को बिना चिकित्सकीय अनुमति के ले जाने पर भड़का।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राहुल घरत को पार्टी से निलंबित किया था।
मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और महाराष्ट्र मेडिकल कर्मचारी संरक्षण कानून के तहत दर्ज।

पालघर पुलिस ने 13 सितंबर 2026 को पालघर रिलीफ हॉस्पिटल में कर्मचारी से मारपीट के मामले में फरार चल रहे 8 आरोपियों में से 7 शिवसेना पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों में शिवसेना पालघर जिलाध्यक्ष कुंदन सांखे समेत छह अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। इस मामले में अब तक कुल 21 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और एक अब भी फरार है।

मामले का पूरा घटनाक्रम

दही हांडी उत्सव के दौरान मानव पिरामिड बनाते समय घायल हुए गोविंदा पथक के 5 सदस्यों को इलाज के लिए रिलीफ अस्पताल, पालघर लाया गया था। इनमें तीन मरीजों का ओपीडी में उपचार हुआ, जबकि दो को सिर और रीढ़ की चोटों के कारण भर्ती कराया गया। 19 वर्षीय ओंकार कलवाडकर को सिर में चोट और बेहोशी की स्थिति के कारण आईसीयू में निगरानी में रखा गया था।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, विवाद तब भड़का जब कुछ स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जाँचों की ज़रूरत पर सवाल उठाए और बकाया चिकित्सा बिल चुकाए बिना मरीजों को डिस्चार्ज करने की माँग की।

बिल विवाद और हिंसा

अस्पताल के निदेशक विशाल गोडगिकारकर ने बताया कि करीब ₹19,866 के बिल पर 20 प्रतिशत की छूट देने के बावजूद संबंधित लोग भुगतान को तैयार नहीं हुए और आक्रामक हो गए। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर कुछ लोगों को इमरजेंसी और प्रतिबंधित क्षेत्रों में घुसते हुए देखा गया है।

आरोप है कि समूह ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से अभद्र व्यवहार किया, अस्पताल को गिराने की धमकी दी और बीच-बचाव करने वाले बिलिंग रिसेप्शनिस्ट विवेक बाबुलिंगा को थप्पड़ मारा। इसके बाद कुछ लोग आईसीयू में पहुँचे, कर्मचारियों को धमकाया और एक मरीज की मेडिकल निगरानी व्यवस्था हटाकर उसे बिना चिकित्सकीय अनुमति के अस्पताल से बाहर ले गए।

एफआईआर और कानूनी कार्रवाई

अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर पालघर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा महाराष्ट्र मेडिकल सेवा संस्थान एवं कर्मचारी संरक्षण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत 22 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया था। एफआईआर में नामजद प्रमुख आरोपियों में शिवसेना पालघर जिला प्रमुख कुंदन सांखे, शहर प्रमुख राहुल घरत और स्थानीय विधायक राजेंद्र गावित के पुत्र रोहित गावित शामिल थे। इससे पहले 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मामले में राहुल घरत को पार्टी से निलंबित कर दिया था। अब 7 और गिरफ्तारियों के बाद कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 21 हो गई है।

आम जनता और चिकित्साकर्मियों पर असर

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में अस्पतालों में चिकित्साकर्मियों पर हमलों को लेकर बहस तेज़ है। गौरतलब है कि अस्पताल के आईसीयू जैसे संवेदनशील क्षेत्र में जबरन घुसपैठ और मेडिकल उपकरण हटाने की घटना गंभीर कानूनी और नैतिक सवाल उठाती है। डॉक्टर संगठनों ने इस मामले को चिकित्साकर्मियों की सुरक्षा के संदर्भ में उदाहरण के तौर पर उठाया है।

आगे क्या होगा

पालघर पुलिस एकमात्र फरार आरोपी की तलाश जारी रखे हुए है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और मामले की जाँच आगे बढ़ रही है। इस प्रकरण से महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर राजनीतिक दबाव भी बढ़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह कदम प्रतिक्रियात्मक है, निवारक नहीं। असली सवाल यह है कि क्या महाराष्ट्र सरकार चिकित्साकर्मी संरक्षण कानून को वास्तव में दाँत देगी या यह मामला भी कुछ समय बाद राजनीतिक समझौते में दब जाएगा।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पालघर रिलीफ हॉस्पिटल मारपीट मामला क्या है?
दही हांडी उत्सव में घायल गोविंदा पथक के सदस्यों के इलाज के दौरान बिल विवाद में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने अस्पताल कर्मचारियों के साथ मारपीट की, आईसीयू में जबरन घुसे और एक मरीज को बिना चिकित्सकीय अनुमति के बाहर ले गए। पालघर पुलिस ने 22 लोगों के खिलाफ बीएनएस और महाराष्ट्र मेडिकल संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज किया।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
13 सितंबर 2026 तक कुल 21 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पहले 14 को हिरासत में लिया गया था और अब 7 और शिवसेना पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। एक आरोपी अभी भी फरार है।
शिवसेना ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एफआईआर में नामजद शिवसेना शहर प्रमुख राहुल घरत को पार्टी से निलंबित कर दिया था। हालाँकि, पार्टी के जिलाध्यक्ष कुंदन सांखे समेत अन्य पदाधिकारी भी गिरफ्तार हुए हैं।
विवाद की शुरुआत किस बात से हुई?
अस्पताल के निदेशक विशाल गोडगिकारकर के अनुसार, ₹19,866 के बिल पर 20 प्रतिशत की छूट देने के बावजूद संबंधित लोग भुगतान को तैयार नहीं हुए और सीटी स्कैन व एमआरआई जाँचों की ज़रूरत पर सवाल उठाते हुए आक्रामक हो गए।
इस मामले में कौन-से कानूनी प्रावधान लागू हुए?
पालघर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ महाराष्ट्र मेडिकल सेवा संस्थान एवं कर्मचारी संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज किया, जो अस्पतालों और चिकित्साकर्मियों पर हमलों को गंभीर अपराध मानता है।
राष्ट्र प्रेस
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