डॉक्टरों पर हमला: शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे गिरफ्तार, MARD का 'ब्लैक रिबन' विरोध जारी रहेगा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र स्टेट एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD) ने शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे की गिरफ्तारी का स्वागत करते हुए स्पष्ट किया है कि 9 जुलाई को प्रस्तावित 'ब्लैक रिबन' विरोध प्रदर्शन योजना के अनुसार जारी रहेगा। ठाणे पुलिस ने म्हात्रे और तीन अन्य आरोपियों को बुधवार, 7 जुलाई को उनके आवास से हिरासत में लिया। यह कार्रवाई 6 जुलाई को डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों पर हुए हमले के बाद की गई।
घटनाक्रम: क्या हुआ डोंबिवली अस्पताल में
6 जुलाई की इस घटना में रमेश म्हात्रे अपने समर्थकों के साथ शास्त्री नगर अस्पताल, डोंबिवली में घुसे और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों पर लापरवाही व कर्तव्य में कोताही का आरोप लगाते हुए मारपीट की। हमले में एक महिला डॉक्टर भी निशाने पर थीं। अस्पताल अधिकारियों के अनुसार, विवाद तब भड़का जब डॉक्टरों ने एक नवजात शिशु के परिजनों को बच्चे को किसी अन्य अस्पताल में स्थानांतरित करने की सलाह दी, क्योंकि अस्पताल की नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में उस समय बेड उपलब्ध नहीं थे।
वायरल वीडियो और पुलिस कार्रवाई
कॉर्पोरेटर और उनके साथियों को अस्पताल परिसर में डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट करते हुए कैमरे में कैद किया गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ, जिसके बाद चिकित्सा समुदाय और आम जनता में व्यापक आक्रोश फैल गया। वायरल वीडियो सामने आने के बाद म्हात्रे सहित चार आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। गिरफ्तारी के बाद सभी को मेडिको-लीगल जाँच के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
MARD की प्रतिक्रिया और 'ब्लैक रिबन' विरोध
MARD ने एक बयान में कहा, 'समय पर हुई यह गिरफ्तारी एक कड़ा संदेश देती है कि डॉक्टरों और हेल्थकेयर वर्करों के खिलाफ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।' संगठन ने स्पष्ट किया कि राज्यव्यापी एक दिवसीय 'ब्लैक रिबन' विरोध प्रदर्शन 9 जुलाई को सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में आयोजित होगा। संगठन ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल इस एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य भर में हेल्थकेयर कर्मियों के विरुद्ध बढ़ती हिंसा की प्रवृत्ति के खिलाफ एक व्यापक विरोध है।
आम जनता और हेल्थकेयर वर्करों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में अस्पतालों में हिंसा की घटनाएँ चिंताजनक रूप से बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि 2019 में पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हुए हमलों के बाद राष्ट्रीय स्तर पर इसी तरह का आंदोलन हुआ था। MARD ने माँग की है कि सभी डॉक्टरों और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए सुरक्षित कामकाजी माहौल सुनिश्चित किया जाए।
आगे क्या होगा
चारों आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही जारी है। MARD ने संकेत दिया है कि यदि सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए तो विरोध का दायरा और बढ़ाया जा सकता है। चिकित्सा समुदाय की नज़र अब राज्य सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी है।