शिवसेना कॉर्पोरेटर की महिला डॉक्टर से कथित मारपीट पर वारिस पठान की माँग — तत्काल गिरफ्तारी हो
सारांश
मुख्य बातें
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने 8 जुलाई को मुंबई में शिवसेना के एक कॉर्पोरेटर पर एक महिला डॉक्टर के साथ कथित मारपीट के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जाँच की माँग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सत्ता में बैठे व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता और दोषी पाए जाने पर संबंधित कॉर्पोरेटर की सदस्यता समाप्त करने पर भी विचार होना चाहिए।
डॉक्टर से कथित मारपीट: क्या है मामला
पठान ने कहा कि सत्ता का अहंकार कुछ जनप्रतिनिधियों को यह भ्रम देता है कि उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी। उनके अनुसार, यदि अस्पताल से संबंधित कोई शिकायत थी तो उसका समाधान कानूनी मार्ग से होना चाहिए था — पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा सकती थी। अस्पताल परिसर में जाकर डॉक्टरों और नर्सों के साथ कथित मारपीट करना किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने याद दिलाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान इन्हीं चिकित्साकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा की थी। ऐसे सम्मानित पेशे के लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार पूरे समाज के लिए चिंताजनक है।
वारिस पठान की माँगें
पठान ने सरकार से माँग की कि यदि इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है तो आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आरोप सिद्ध होने पर संबंधित कॉर्पोरेटर की निर्वाचित सदस्यता समाप्त करने पर विचार किया जाना चाहिए। कानून धर्म या राजनीतिक पहचान के आधार पर अलग-अलग नहीं होना चाहिए।
राम मंदिर चंदा विवाद और जवाबदेही
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा विवाद पर पठान ने कहा कि प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट में कई कथित अनियमितताओं का उल्लेख सामने आने की बातें कही जा रही हैं। उनके अनुसार केवल इस्तीफा देने से जवाबदेही समाप्त नहीं होती — पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और दोषियों की पहचान कर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को दंड मिले।
योगी के वक्फ बयान पर पलटवार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष चंदा चोरी पर बोलता है लेकिन वक्फ मामलों में चुप रहता है — पठान ने कहा कि राम मंदिर चंदा विवाद पर उठ रहे सवाल किसी आड़ में नहीं उठाए जा रहे, बल्कि जाँच और एफआईआर की प्रक्रिया पहले से चल रही है। उन्होंने कहा कि यदि वक्फ से जुड़े किसी मामले में भी जाँच की ज़रूरत है तो सरकार स्वतंत्र रूप से जाँच करा सकती है — किसी ने उसे रोका नहीं है।
PM की विदेश यात्रा और घरेलू संकट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन देशों की यात्रा पर पठान ने कहा कि विदेश यात्राएँ भारत के वैश्विक संबंधों के लिए आवश्यक हैं, लेकिन महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में भारी बारिश से हुई जनहानि और लोगों की कठिनाइयों पर भी सरकार को संवेदना और स्पष्ट प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि जाँच एजेंसियों को राजनीतिक और धार्मिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर निष्पक्ष रूप से काम करने दिया जाए।