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शिवसेना कॉर्पोरेटर की महिला डॉक्टर से कथित मारपीट पर वारिस पठान की माँग — तत्काल गिरफ्तारी हो

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शिवसेना कॉर्पोरेटर की महिला डॉक्टर से कथित मारपीट पर वारिस पठान की माँग — तत्काल गिरफ्तारी हो

सारांश

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने शिवसेना कॉर्पोरेटर की महिला डॉक्टर से कथित मारपीट को 'सत्ता का अहंकार' बताते हुए तत्काल गिरफ्तारी और सदस्यता रद्द करने की माँग की। साथ ही राम मंदिर चंदा विवाद और योगी के वक्फ बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

मुख्य बातें

एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने 8 जुलाई को शिवसेना कॉर्पोरेटर की महिला डॉक्टर से कथित मारपीट पर तत्काल गिरफ्तारी की माँग की।
पठान ने कहा कि आरोप सिद्ध होने पर संबंधित कॉर्पोरेटर की निर्वाचित सदस्यता समाप्त करने पर विचार होना चाहिए।
राम मंदिर चंदा विवाद में केवल इस्तीफे से जवाबदेही नहीं — पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग।
CM योगी आदित्यनाथ के वक्फ बयान पर पठान का जवाब — सरकार स्वतंत्र रूप से वक्फ जाँच करा सकती है, किसी ने नहीं रोका।
PM मोदी की तीन देशों की यात्रा के बीच महाराष्ट्र में बारिश से हुई जनहानि पर संवेदना व्यक्त करने की अपील।

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने 8 जुलाई को मुंबई में शिवसेना के एक कॉर्पोरेटर पर एक महिला डॉक्टर के साथ कथित मारपीट के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जाँच की माँग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सत्ता में बैठे व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता और दोषी पाए जाने पर संबंधित कॉर्पोरेटर की सदस्यता समाप्त करने पर भी विचार होना चाहिए।

डॉक्टर से कथित मारपीट: क्या है मामला

पठान ने कहा कि सत्ता का अहंकार कुछ जनप्रतिनिधियों को यह भ्रम देता है कि उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी। उनके अनुसार, यदि अस्पताल से संबंधित कोई शिकायत थी तो उसका समाधान कानूनी मार्ग से होना चाहिए था — पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा सकती थी। अस्पताल परिसर में जाकर डॉक्टरों और नर्सों के साथ कथित मारपीट करना किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने याद दिलाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान इन्हीं चिकित्साकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा की थी। ऐसे सम्मानित पेशे के लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार पूरे समाज के लिए चिंताजनक है।

वारिस पठान की माँगें

पठान ने सरकार से माँग की कि यदि इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है तो आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आरोप सिद्ध होने पर संबंधित कॉर्पोरेटर की निर्वाचित सदस्यता समाप्त करने पर विचार किया जाना चाहिए। कानून धर्म या राजनीतिक पहचान के आधार पर अलग-अलग नहीं होना चाहिए।

राम मंदिर चंदा विवाद और जवाबदेही

राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा विवाद पर पठान ने कहा कि प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट में कई कथित अनियमितताओं का उल्लेख सामने आने की बातें कही जा रही हैं। उनके अनुसार केवल इस्तीफा देने से जवाबदेही समाप्त नहीं होती — पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और दोषियों की पहचान कर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को दंड मिले।

योगी के वक्फ बयान पर पलटवार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष चंदा चोरी पर बोलता है लेकिन वक्फ मामलों में चुप रहता है — पठान ने कहा कि राम मंदिर चंदा विवाद पर उठ रहे सवाल किसी आड़ में नहीं उठाए जा रहे, बल्कि जाँच और एफआईआर की प्रक्रिया पहले से चल रही है। उन्होंने कहा कि यदि वक्फ से जुड़े किसी मामले में भी जाँच की ज़रूरत है तो सरकार स्वतंत्र रूप से जाँच करा सकती है — किसी ने उसे रोका नहीं है।

PM की विदेश यात्रा और घरेलू संकट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन देशों की यात्रा पर पठान ने कहा कि विदेश यात्राएँ भारत के वैश्विक संबंधों के लिए आवश्यक हैं, लेकिन महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में भारी बारिश से हुई जनहानि और लोगों की कठिनाइयों पर भी सरकार को संवेदना और स्पष्ट प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि जाँच एजेंसियों को राजनीतिक और धार्मिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर निष्पक्ष रूप से काम करने दिया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

राम मंदिर चंदा और वक्फ — जो इसे राजनीतिक प्रतिक्रिया से अधिक एक रणनीतिक स्थिति-निर्माण बनाता है। शिवसेना कॉर्पोरेटर वाले मामले में उनकी माँगें तथ्यात्मक रूप से उचित हैं, लेकिन राम मंदिर चंदा विवाद को इसी बयान में जोड़ना यह संकेत देता है कि विपक्ष इस मुद्दे को सत्तारूढ़ दल की साख से जोड़ने की कोशिश में है। योगी के वक्फ बयान पर पलटवार करते हुए पठान ने 'समान जाँच' का तर्क दिया, जो कानूनी दृष्टि से सही है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इस बारीकी को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवसेना कॉर्पोरेटर पर महिला डॉक्टर से मारपीट का आरोप क्या है?
आरोप है कि शिवसेना के एक कॉर्पोरेटर ने मुंबई के एक अस्पताल में जाकर एक महिला डॉक्टर और नर्सों के साथ कथित मारपीट की। एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने इसे 'सत्ता का अहंकार' बताते हुए तत्काल एफआईआर और गिरफ्तारी की माँग की है।
वारिस पठान ने शिवसेना कॉर्पोरेटर के खिलाफ क्या माँगें रखी हैं?
पठान ने माँग की है कि एफआईआर दर्ज होने पर आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। आरोप सिद्ध होने पर संबंधित कॉर्पोरेटर की निर्वाचित सदस्यता भी समाप्त करने पर विचार होना चाहिए।
राम मंदिर चंदा विवाद में वारिस पठान का क्या कहना है?
पठान के अनुसार प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट में कथित अनियमितताओं का उल्लेख सामने आने की बातें कही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि केवल इस्तीफा देने से जवाबदेही समाप्त नहीं होती और पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
योगी आदित्यनाथ के वक्फ बयान पर पठान ने क्या जवाब दिया?
पठान ने कहा कि राम मंदिर चंदा विवाद पर सवाल किसी आड़ में नहीं उठाए जा रहे — जाँच और एफआईआर की प्रक्रिया पहले से चल रही है। यदि वक्फ से जुड़े मामलों में भी जाँच ज़रूरी है तो सरकार स्वतंत्र रूप से वह जाँच करा सकती है।
PM मोदी की विदेश यात्रा पर पठान ने क्या कहा?
पठान ने विदेश यात्राओं को आवश्यक बताते हुए कहा कि महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में भारी बारिश से हुई जनहानि पर भी प्रधानमंत्री को संवेदना और स्पष्ट प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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