भोपाल रेल मंडल की चेतावनी: रेलवे भर्ती के फर्जी विज्ञापनों से बचें, RRB-RRC ही एकमात्र आधिकारिक माध्यम
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने 8 जुलाई 2026 को युवाओं को सोशल मीडिया पर फैल रहे रेलवे भर्ती के फर्जी विज्ञापनों के प्रति आगाह किया है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि इन भ्रामक विज्ञापनों के ज़रिए बेरोज़गार युवाओं को नौकरी का लालच देकर आर्थिक ठगी की जा रही है।
मुख्य चेतावनी और आधिकारिक स्थिति
मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में रेल प्रशासन ने साफ किया है कि भारतीय रेलवे में सभी भर्तियाँ केवल रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और रेलवे भर्ती सेल (RRC) के माध्यम से ही की जाती हैं। निर्धारित नियमों और पूर्ण पारदर्शिता के बाहर किसी भी पद पर प्रत्यक्ष भर्ती, बिना परीक्षा नियुक्ति या किसी निजी एजेंसी के ज़रिए चयन की कोई व्यवस्था रेलवे में नहीं है।
कैसे पहचानें फर्जी विज्ञापन
रेल प्रशासन के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित 'बिना परीक्षा भर्ती', 'डायरेक्ट जॉइनिंग', 'तुरंत नियुक्ति', 'सीमित योग्यता पर सरकारी नौकरी' या 'निश्चित चयन' जैसे दावे पूरी तरह भ्रामक और फर्जी हैं। इन विज्ञापनों में रेलवे के नाम, लोगो और विभिन्न रेलवे स्टेशनों के नामों का अनधिकृत उपयोग किया जाता है ताकि युवाओं को गुमराह किया जा सके। भोपाल मंडल ने स्पष्ट किया है कि इन विज्ञापनों का भारतीय रेलवे अथवा भोपाल मंडल से कोई संबंध नहीं है।
युवाओं से अपील
भोपाल रेल मंडल ने युवाओं से अपील की है कि किसी भी भर्ती संबंधी सूचना की सत्यता केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जाँचें। नौकरी दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति, संस्था या एजेंसी को धनराशि का भुगतान न करें। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में साइबर ठगी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और सरकारी नौकरियों के नाम पर धोखाधड़ी की घटनाएँ आम होती जा रही हैं।
शिकायत कहाँ करें
यदि कोई संदिग्ध विज्ञापन प्राप्त हो, तो तत्काल स्थानीय पुलिस, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 अथवा संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। गौरतलब है कि साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 केंद्र सरकार की आधिकारिक शिकायत प्रणाली है, जो ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करती है। आधिकारिक भर्ती सूचनाएँ केवल RRB और RRC की वेबसाइटों पर ही प्रकाशित होती हैं।