भारतीय रेलवे ने FY2025-26 में 43,781 उम्मीदवारों की भर्ती की, 47,084 पदों पर तकनीक-आधारित प्रक्रिया से चयन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में छह प्रमुख श्रेणियों में 47,084 रिक्तियों के सापेक्ष 43,781 उम्मीदवारों का चयन पूरा किया है। यह भर्ती आँकड़े 12 जून को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में आयोजित रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सामने आए। यह बैठक भर्ती प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी के उपयोग और जवाबदेही को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की गई।
किन पदों पर हुई भर्ती
इस वित्त वर्ष में भरी गई रिक्तियों में सहायक लोको पायलट के 18,799 पद सर्वाधिक रहे। इसके अतिरिक्त तकनीशियन के 14,298 पद, जूनियर इंजीनियर/डिपो सामग्री अधीक्षक/रासायनिक एवं धातुकर्म सहायक के 7,951 पद, कांस्टेबल के 4,208 पद, पैरामेडिकल श्रेणियों के 1,376 पद और सब-इंस्पेक्टर के 452 पद शामिल हैं। ये सभी भर्तियाँ रेलवे भर्ती बोर्डों द्वारा संचालित कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के माध्यम से की गईं।
भर्ती प्रक्रिया की विशेषताएँ
रेलवे की भर्ती प्रक्रिया की व्यापकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि परीक्षाएँ देशभर के अनेक शहरों और केंद्रों में, कई शिफ्टों में और 15 भाषाओं में आयोजित की जाती हैं। यह बहु-शहर, बहु-शिफ्ट और बहुभाषी ढाँचा सुनिश्चित करता है कि विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को समान अवसर मिले। इस जटिल ढाँचे को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संचालित करने के लिए मज़बूत तकनीकी प्रणालियों और व्यापक समन्वय की आवश्यकता होती है।
मंत्री की समीक्षा और निर्देश
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समीक्षा बैठक में भर्ती प्रणाली में प्रौद्योगिकी के उपयोग, त्वरित प्रक्रियाओं और जवाबदेही को और अधिक मज़बूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वार्षिक भर्ती कैलेंडर और त्रैमासिक रिक्ति अधिसूचनाओं की व्यवस्था उम्मीदवारों द्वारा सराही जा रही है, क्योंकि इससे वे अपनी तैयारी अधिक सुनियोजित तरीके से कर पा रहे हैं। वैष्णव ने यह भी कहा कि इस कैलेंडर-आधारित प्रणाली से भर्ती प्रक्रिया में पूर्वानुमानशीलता बढ़ी है।
रेलवे का लक्ष्य और प्रतिबद्धता
भारतीय रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया कि संगठन निरंतर और समयबद्ध भर्ती पहलों के ज़रिये अपने कार्यबल को मज़बूत करने के लिए दृढ़संकल्पित है। पारदर्शिता, दक्षता और उन्नत तकनीक के उपयोग पर विशेष ज़ोर देते हुए रेलवे का लक्ष्य विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को सेवा में शामिल करना है। गौरतलब है कि यह भर्ती अभियान ऐसे समय में आया है जब सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और समयबद्धता को लेकर युवाओं में जागरूकता बढ़ रही है।
आगे की राह
समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट संकेत दिया गया कि आने वाले वित्त वर्षों में भी इसी गति और तकनीक-आधारित दृष्टिकोण को बनाए रखा जाएगा। रेलवे भर्ती बोर्डों की क्षमता बढ़ाने और प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे लाखों उम्मीदवारों को रोज़गार के नए अवसर मिल सकें।