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भोपाल रेल मंडल की टिकट चेकिंग से ₹9.53 करोड़ की वसूली, अप्रैल-मई में कुल ₹350.30 करोड़ का राजस्व

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भोपाल रेल मंडल की टिकट चेकिंग से ₹9.53 करोड़ की वसूली, अप्रैल-मई में कुल ₹350.30 करोड़ का राजस्व

सारांश

भोपाल रेल मंडल ने अप्रैल-मई 2026 में 1.32 लाख टिकट चेकिंग मामलों से ₹9.53 करोड़ वसूले और कुल ₹350.30 करोड़ का राजस्व अर्जित किया — वाणिज्य विभाग के समन्वित प्रयासों का नतीजा।

मुख्य बातें

भोपाल रेल मंडल ने अप्रैल-मई 2026 में 1.32 लाख टिकट चेकिंग मामलों से ₹9.53 करोड़ की वसूली की।
इसी अवधि में मंडल का कुल राजस्व ₹350.30 करोड़ रहा।
71.07 लाख यात्री टिकटों से ₹177.39 करोड़ और 1.23 मिलियन टन माल परिवहन से ₹143.65 करोड़ प्राप्त हुए।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने आने वाले महीनों में और बेहतर प्रदर्शन का भरोसा दिलाया।
विविध आय मद से ₹15.93 करोड़ और अन्य कार्यों से ₹13.34 करोड़ अर्जित हुए।

पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो माह — अप्रैल और मई — में टिकट चेकिंग अभियान के ज़रिए ₹9.53 करोड़ की राजस्व वसूली की है। इसी अवधि में मंडल का कुल राजस्व ₹350.30 करोड़ रहा, जिसमें यात्री टिकट बुकिंग, माल परिवहन और विविध स्रोत शामिल हैं।

टिकट चेकिंग अभियान के मुख्य आँकड़े

रेलवे की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अप्रैल-मई 2026 के दौरान 1.32 लाख टिकट चेकिंग मामलों से ₹9.53 करोड़ की वसूली की गई। इसके अलावा 71.07 लाख बुक किए गए यात्री टिकटों से ₹177.39 करोड़, अन्य कार्यों से ₹13.34 करोड़, 1.23 मिलियन टन माल परिवहन से ₹143.65 करोड़ और विविध आय से ₹15.93 करोड़ प्राप्त हुए।

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय रेलवे देशभर में राजस्व अनुपालन बढ़ाने और बिना टिकट यात्रा पर लगाम लगाने के लिए व्यापक अभियान चला रहा है। भोपाल मंडल के ये आँकड़े वाणिज्य विभाग की सक्रियता को दर्शाते हैं।

वरिष्ठ अधिकारी की प्रतिक्रिया

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने कहा, 'हम टीम भावना से कार्य करते हुए रेल राजस्व बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं और आने वाले दिनों में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल मंडल रेल प्रशासन अपने यात्रियों को शिकायत रहित सेवा प्रदान करने के प्रति कृतसंकल्प है।

भोपाल मंडल की भूमिका और महत्व

गौरतलब है कि भोपाल रेल मंडल मध्य प्रदेश के बड़े रेल मंडलों में से एक है। इसके अधीन आने वाले स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन को लेकर रेलवे अधिकारियों का विशेष ध्यान रहता है। वाणिज्य विभाग के अधिकारियों और पर्यवेक्षक कर्मचारियों के आपसी समन्वय को इस राजस्व वृद्धि का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।

आगे की राह

अधिकारियों के अनुसार, आने वाले महीनों में भी इसी तरह के टिकट चेकिंग अभियान जारी रहेंगे। मंडल का लक्ष्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि यात्रियों को बेहतर और पारदर्शी सेवा सुनिश्चित करना भी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ₹9.53 करोड़ की टिकट चेकिंग वसूली कुल ₹350.30 करोड़ के राजस्व का मात्र 2.7% है — जो यह भी संकेत देता है कि बिना टिकट यात्रा अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। वाणिज्य विभाग के समन्वय की तारीफ उचित है, परंतु दीर्घकालिक सुधार के लिए केवल अभियान-आधारित कार्रवाई पर्याप्त नहीं — स्थायी निगरानी तंत्र और तकनीकी समाधान की भी ज़रूरत है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोपाल रेल मंडल ने टिकट चेकिंग से कितनी वसूली की?
भोपाल रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अप्रैल और मई माह में 1.32 लाख टिकट चेकिंग मामलों से ₹9.53 करोड़ की वसूली की। यह राशि मंडल के कुल ₹350.30 करोड़ के राजस्व का हिस्सा है।
भोपाल मंडल का अप्रैल-मई 2026 में कुल राजस्व कितना रहा?
पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल रेल मंडल ने अप्रैल-मई 2026 में कुल ₹350.30 करोड़ का राजस्व अर्जित किया। इसमें यात्री टिकट, माल परिवहन, टिकट चेकिंग और विविध स्रोत शामिल हैं।
भोपाल मंडल के राजस्व में माल परिवहन का योगदान कितना है?
अप्रैल-मई 2026 में 1.23 मिलियन टन माल परिवहन से ₹143.65 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो मंडल के कुल राजस्व का सबसे बड़ा एकल स्रोतों में से एक है।
भोपाल रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने कहा कि मंडल टीम भावना से रेल राजस्व बढ़ाने के लिए प्रयासरत है और आने वाले दिनों में और बेहतर प्रदर्शन होगा। उन्होंने यात्रियों को शिकायत रहित सेवा देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
पश्चिम मध्य रेलवे का भोपाल मंडल कितना महत्वपूर्ण है?
भोपाल रेल मंडल मध्य प्रदेश के प्रमुख रेल मंडलों में से एक है। इसके अधीन अनेक रेलवे स्टेशन आते हैं और सुरक्षा व प्रबंधन पर रेलवे अधिकारियों का विशेष ध्यान रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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