शमा मोहम्मद ने अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में एबीवीपी के प्रोटेस्ट की कड़ी निंदा की
सारांश
Key Takeaways
- शमा मोहम्मद ने एबीवीपी के विरोध को गंभीरता से लिया है।
- भाजपा की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।
- इजरायल दौरे को लेकर पीएम मोदी पर भी सवाल किए गए।
- उदय भानु चिब की गिरफ्तारी को गलत ठहराया गया है।
- एनसीईआरटी किताब विवाद पर भी ध्यान दिया गया है।
नई दिल्ली, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बेंगलुरु स्थित अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में एबीवीपी द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन की कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि जब यूथ कांग्रेस ने एआई समिट में प्रदर्शन किया, तो उसे देश को बदनाम करने की साजिश करार दिया गया। अब एबीवीपी के इस विरोध को भाजपा किस तरह से देखेगी?
कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि अजीम प्रेमजी एक प्रमुख उद्योगपति हैं, जिसे हर कोई जानता है। पीएम मोदी विदेशों में लोकतंत्र की बात करते हैं और यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन की निंदा करते हैं, लेकिन जिस प्रकार से अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में एबीवीपी ने विरोध किया है, उस पर भाजपा क्या कहेगी? क्या इससे भारत की छवि को नुकसान नहीं पहुंचेगा? क्या इससे विदेशी निवेश प्रभावित होगा? मैं पीएम मोदी से पूछना चाहती हूं कि वह इस घटना की निंदा क्यों नहीं कर रहे हैं।
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू द्वारा पीएम मोदी की प्रशंसा करने पर शमा मोहम्मद ने कहा कि जो भी वहां जाता है, वह उनका करीबी दोस्त बन जाता है। इजरायल डिफेंस फोर्स अभी भी निर्दोष लोगों की हत्या कर रहे हैं। गाजा में हालात बहुत खराब हैं। पीएम मोदी का इजरायल दौरा गलत समय पर हुआ है। आपको पता है कि नेतन्याहू युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार हैं, इसलिए उनका दौरा उचित नहीं है।
उन्होंने उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पर कहा कि एआई समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन कोई गंभीर मुद्दा नहीं है। यह शांतिपूर्ण था, जिसमें लोग टी-शर्ट पहनकर शामिल हुए थे। उन्हें गिरफ्तार करना और पुलिस रिमांड पर भेजना गलत है। हम यूथ कांग्रेस के साथ खड़े हैं।
शमा मोहम्मद ने एनसीईआरटी किताब विवाद पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया है, लेकिन कई जगहों पर भ्रष्टाचार हो रहा है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के वीडियो पर संज्ञान क्यों नहीं लिया गया?