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क्या शिबू सोरेन के निधन पर राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया?

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क्या शिबू सोरेन के निधन पर राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया?

सारांश

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन पर कई प्रमुख नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। राहुल गांधी, ममता बनर्जी, और अरविंद केजरीवाल ने उनकी योगदानों को याद करते हुए गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। जानिए उनके शब्दों में शिबू सोरेन का महत्व।

मुख्य बातें

शिबू सोरेन का जीवन आदिवासी अधिकारों के लिए समर्पित था।
उनके निधन से झारखंड में एक युग का अंत हुआ।
कई प्रमुख नेताओं ने उनकी योगदान को याद किया।
सोशल मीडिया पर उनके प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गईं।
उनका संघर्ष आदिवासी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत रहा है।

नई दिल्ली, 4 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन के निधन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई प्रमुख नेताओं ने शोक व्यक्त किया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और जेएमएम के वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन जी के निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ। आदिवासी समाज की मजबूत आवाज, सोरेन जी ने उनके हक और अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। झारखंड के निर्माण में उनकी भूमिका को हमेशा याद रखा जाएगा। हेमंत सोरेन और पूरे सोरेन परिवार के साथ-साथ गुरुजी के सभी समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।"

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक, शिबू सोरेन जी के निधन से मैं दुखी हूं। उन्होंने अलग झारखंड प्रदेश और वहां के लोगों के जल, जंगल, जमीन के अधिकार और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए आजीवन संघर्ष किया।" उन्होंने हेमंत सोरेन से बात कर उनके परिवार और समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, "आज झारखंड के इतिहास का एक अध्याय समाप्त हो गया। मैं शिबू सोरेन जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूं। मेरे भाई, हेमंत सोरेन और उनके पूरे परिवार, उनके सभी अनुयायियों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना।"

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, "दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन का समाचार बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने आदिवासी अधिकारों, जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक न्याय के लिए जीवन भर संघर्ष किया। उनका निधन एक युग का अंत है।"

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने दुख जताते हुए कहा, "वे एक प्रमुख आदिवासी नेता थे और उन्हें आदिवासी व वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए उनके समर्पण के लिए याद किया जाएगा।"

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने लिखा, "शिबू सोरेन के निधन से अत्यंत दुखी हूं। उनकी आवाज ने आदिवासियों की पीढ़ियों को शक्ति दी है।"

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "गुरुजी शिबू सोरेन जी के दुखद निधन के कारण आज श्री राहुल गांधी की विशेष प्रेस वार्ता स्थगित की जाती है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

शिबू सोरेन का निधन न केवल झारखंड के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके संघर्षों ने आदिवासी समाज को एक नई दिशा दी और उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। हमारे नेताओं का इस पर शोक व्यक्त करना दर्शाता है कि किस प्रकार एक व्यक्ति की मेहनत और समर्पण समाज को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिबू सोरेन के निधन पर किसने शोक व्यक्त किया?
कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया, जिनमें राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल शामिल हैं।
शिबू सोरेन ने किन मुद्दों पर संघर्ष किया?
उन्होंने आदिवासी अधिकारों, जल, जंगल, जमीन और संवैधानिक न्याय के लिए जीवन भर संघर्ष किया।
राष्ट्र प्रेस
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