21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आईआईटी और आईआईएम के प्रमुखों ने एआई समिट में कांग्रेस के प्रदर्शन को बताया शर्मनाक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आईआईटी और आईआईएम के प्रमुखों ने एआई समिट में कांग्रेस के प्रदर्शन को बताया शर्मनाक

सारांश

शिक्षाविदों के एक समूह ने एआई समिट में कांग्रेस के प्रदर्शन को निंदा की। इसे अनुचित और शर्मनाक आचरण बताते हुए, उन्होंने कहा कि यह भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने वाला था।

मुख्य बातें

शिक्षाविदों ने प्रदर्शन की निंदा की।
कांग्रेस का प्रदर्शन अनुचित समय पर हुआ।
150 से अधिक शिक्षाविदों ने हस्ताक्षर किए।
दिल्ली पुलिस ने पांच गिरफ्तार किए।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की आलोचना की।

नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। एक शिक्षाविदों के समूह ने हाल ही में एआई समिट में भारतीय युवा कांग्रेस के द्वारा किए गए प्रदर्शन की निंदा की है। उन्होंने इसे अनुचित समय पर किया गया शर्मनाक आचरण बताया।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक बिनय कुमार सिंह के नेतृत्व में एक समूह ने सोमवार को एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि कांग्रेस नेताओं का यह आचरण 'लोकतांत्रिक असहमति' के रूप में सही नहीं ठहराया जा सकता।

बयान में कहा गया है कि भारत के शैक्षणिक और बौद्धिक समुदाय का एक बड़ा हिस्सा भारत एआई इम्पैक्ट समिट में युवा कांग्रेस के नेताओं के शर्मनाक और निंदनीय आचरण को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए एक औपचारिक संयुक्त बयान जारी किया है।

इस बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में जेएनयू के कुलपति सन्तिश्री धुलिपुड़ी पंडित, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति आरडी कुलकर्णी, एनआईटी जालंधर के निदेशक बीके कानौजिया, आईआईएम अमृतसर के संस्थापक निदेशक एन राममूर्ति, आईआईटी जोधपुर के निदेशक एके अग्रवाल, आईआईटी धारवाड़ के निदेशक और दिल्ली विश्वविद्यालय तथा जामिया मिलिया इस्लामिया के पूर्व प्रोफेसर और शिक्षक शामिल हैं।

हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि इस समिट ने भारत के लिए वैश्विक समुदाय के सामने अपनी तकनीकी क्षमता, रणनीतिक दृष्टि और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में बढ़ते नेतृत्व को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत किया।

बयान में यह भी कहा गया, "इस संदर्भ में, रिपोर्ट किए गए व्यवधान को अनुचित और भारत की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता के लिए हानिकारक माना गया, खासकर उस समय जब वैश्विक ध्यान देश के एआई पारिस्थितिकी तंत्र पर केंद्रित है।"

बयान में कहा गया कि पूरे भारत से 150 से अधिक शिक्षाविद, जिनमें कुलपति, पूर्व कुलपति, निदेशक, वरिष्ठ प्रोफेसर, शोधकर्ता और बौद्धिक शामिल हैं, सभी ने सामूहिक हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से अपनी कड़ी निंदा दर्ज कराई।

हस्ताक्षरकर्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समिट में उपस्थित कांग्रेस नेताओं का यह आचरण लोकतांत्रिक असहमति के रूप में नहीं देखा जा सकता बल्कि यह एक लापरवाह और जिम्मेदारीहीन प्रयास था, जिसने तकनीकी क्षेत्र में भारत की प्रमुख भूमिका के महत्वपूर्ण क्षण में देश की वैश्विक छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की।

20 फरवरी को अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान, युवा कांग्रेस के सदस्यों ने बेरोजगारी, महंगाई और कथित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते जैसे मुद्दों पर नारे लगाए, जिससे राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया और भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार तथा विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी रविवार को कांग्रेस नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि अफसोस की बात है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी के नेता उन लोगों की प्रशंसा कर रहे हैं, जिन्होंने देश को शर्मसार किया, बजाय इसके कि उनकी आलोचना करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी नुकसान पहुंचा सकता है। यह मुद्दा एक गंभीर चर्चा का विषय बन गया है, जो आगे चलकर राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआई समिट में क्या हुआ?
एआई समिट में भारतीय युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन किया, जिसे शिक्षाविदों ने शर्मनाक बताया।
क्यों शिक्षाविदों ने कांग्रेस के प्रदर्शन की निंदा की?
उन्होंने इसे अनुचित समय पर किया गया और भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया।
कौन-कौन से प्रमुख शिक्षाविदों ने बयान पर हस्ताक्षर किए?
बयान पर जेएनयू, मुंबई विश्वविद्यालय, एनआईटी जालंधर, आईआईएम अमृतसर और आईआईटी जोधपुर के प्रमुखों ने हस्ताक्षर किए।
क्या प्रदर्शन के दौरान किसी को गिरफ्तार किया गया?
जी हां, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान पांच लोगों को गिरफ्तार किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि वे उन लोगों की प्रशंसा कर रहे हैं जिन्होंने देश को शर्मसार किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले