क्या मध्य प्रदेश के शिवपुरी में बाघिन ने ग्रामीण पर हमला किया?
सारांश
Key Takeaways
- बाघिन के हमले से ग्रामीणों में भय का माहौल है।
- घायल ग्रामीण को समय पर चिकित्सा मिली।
- वन विभाग की निगरानी में लापरवाही का आरोप लगाया गया।
- मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहा है।
- घटनाओं की रिपोर्टिंग में तात्कालिकता आवश्यक है।
शिवपुरी, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक बाघिन ने एक ग्रामीण पर हमला कर दिया। इस हमले के कारण घायल ग्रामीण का अस्पताल में इलाज जारी है। इस घटना से स्थानीय निवासियों में भय का माहौल बन गया है और वे वन विभाग की कार्यवाही से असंतुष्ट हैं।
सूत्रों के अनुसार, माधव टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे सतनवाड़ा के डोंगर गांव में 65 वर्षीय ग्रामीण शिवलाल बघेल अपने घर से लगभग 100 मीटर दूर खेत में गए थे। तभी झाड़ियों में छिपी बाघिन ने उन पर हमला कर दिया। बाघिन के हमले में गंभीर रूप से घायल शिवलाल की चीख सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और किसी तरह बाघिन को वहां से भगा दिया। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना तुरंत रेंज ऑफिस को दी।
वन विभाग के वाहन से घायल शिवलाल बघेल को जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। शिवलाल के परिजन फतेह सिंह ने बताया कि उनके शरीर पर कई गंभीर जख्म हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत स्थिर है। इस घटना के बाद जब माधव टाइगर रिजर्व की ट्रैकिंग टीम और पार्क प्रबंधन के अधिकारी गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और अपनी नाराजगी जाहिर की।
ग्रामीणों का आरोप है कि बाघिन की निगरानी में बड़ी लापरवाही बरती गई, जिससे वह गांव तक पहुंच गई और हमला कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर निगरानी दल सजग और अलर्ट सिस्टम मजबूत होता, तो यह घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से गांव और खेतों के आसपास बाघिन की गतिविधियों की सूचना वन विभाग को दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
हाल ही में, 27 दिसंबर को शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाई गई लगभग तीन साल की बाघिन को नेशनल पार्क की मध्य रेंज में छोड़ा गया था। इसके साथ ही रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़कर 8 हो गई थी।