शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी को बताया 'पार्ट-टाइम नेता', कांग्रेस का तीखा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विदेश दौरे पर सीधा हमला बोला और उन्हें 'पार्ट-टाइम राजनेता और फुल-टाइम ट्रैवलर' करार दिया। इस बयान के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने तत्काल पलटवार किया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।
चौहान का हमला — मुख्य बयान
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'राहुल गांधी पार्ट-टाइम राजनेता और फुल-टाइम ट्रैवलर हैं। जब पूरा देश उत्साह और खुशी में डूबा होता है और दशहरा जैसे पर्व मना रहा होता है, तो उन्हें यह अच्छा नहीं लगता और वे विदेश चले जाते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'राहुल गांधी केवल समस्या हैं, समाधान नहीं। देश को आज समाधान की जरूरत है।'
चौहान ने विपक्ष को 'सत्ता परिवर्तन गिरोह' बताते हुए कहा कि यह गिरोह अराजकता फैलाकर सत्ता में आने के सपने देख रहा है, लेकिन उनके इरादे कभी पूरे नहीं होंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिशा में 140 करोड़ भारतवासी एकजुट हैं।
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस नेता उदित राज ने BJP के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी जब चाहते हैं, विदेश दौरे पर चले जाते हैं — और वह भी संसद सत्र के बीच में। सवाल तो देश को उनसे करना चाहिए। देश प्रधानमंत्री चलाते हैं। राहुल गांधी तो कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन के नेता हैं।'
उदित राज ने कहा कि जब भी इंडिया गठबंधन की बैठक होती है, BJP के पास कहने को कुछ नहीं होता। उन्होंने तर्क दिया कि राहुल गांधी को 'पप्पू' बनाने वाले आज खुद उस छवि में आ गए हैं, जबकि राहुल गांधी एक अंतरराष्ट्रीय नेता के रूप में पहचाने जाने लगे हैं।
एकांत और अध्ययन पर बहस
उदित राज ने महात्मा गांधी का हवाला देते हुए कहा, 'राहुल गांधी को भी एकांत चाहिए होता है। महात्मा गांधी भी एकांत में रहते थे, पढ़ते थे, लिखते थे, आत्म-आलोचना करते थे।' उन्होंने कहा कि अवकाश से ऊर्जा और सही दिशा मिलती है।
कांग्रेस नेता ने BJP नेतृत्व पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी की पढ़ाई-लिखाई पर सवाल उठाए, और दावा किया कि राहुल गांधी की बौद्धिकता उनके स्वयं के साथ यात्रा के अनुभव में स्पष्ट हुई। गौरतलब है कि ये टिप्पणियाँ अत्यंत तीखी हैं और इन्हें कांग्रेस की आधिकारिक पार्टी स्थिति नहीं मानी जानी चाहिए।
राजनीतिक संदर्भ
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर BJP लगातार निशाना साध रही है। यह पहली बार नहीं है जब सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष के नेता की अनुपस्थिति को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया हो। कांग्रेस का तर्क रहा है कि विपक्ष के नेता का दौरा किसी भी लोकतंत्र में सामान्य राजनयिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
आने वाले दिनों में यह वाकयुद्ध और तेज हो सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष जनमत बनाने की कोशिश में जुटे हैं।