3 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

लखनऊ में 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा: शिवराज सिंह चौहान समेत NDA नेताओं ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
लखनऊ में 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा: शिवराज सिंह चौहान समेत NDA नेताओं ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

सारांश

लखनऊ में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के ज़रिए NDA ने एकजुटता दिखाई। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत यूपी के कई मंत्रियों ने राहुल गांधी और विपक्ष पर हमला बोला — CEC के इस्तीफे की माँग को असंवैधानिक सोच बताया।

मुख्य बातें

3 नवंबर 2026 को लखनऊ में NDA की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा आयोजित की गई।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और यूपी BJP प्रमुख समेत कई कैबिनेट मंत्री यात्रा में शामिल हुए।
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि राहुल गांधी को जनता नकार चुकी है और उनकी बातों का कोई महत्व नहीं।
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी की CEC इस्तीफे की माँग को असंवैधानिक सोच करार दिया।
मंत्री आशीष सिंह पटेल ने विपक्ष पर अफरातफरी फैलाने और लोकतंत्र विरोधी काम करने का आरोप लगाया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के कई कैबिनेट मंत्रियों ने 3 नवंबर 2026 को लखनऊ में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में हिस्सा लिया। इस मार्च में यूपी भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रमुख भी शामिल रहे। यात्रा के दौरान NDA नेताओं ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखे हमले बोले और विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को अस्थिर करने का आरोप लगाया।

मुख्य घटनाक्रम

मंगलवार को लखनऊ की सड़कों पर निकाली गई यह पदयात्रा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के बैनर तले आयोजित की गई। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति ने इसे राज्य-स्तरीय कार्यक्रम से आगे एक राष्ट्रीय राजनीतिक संदेश का रूप दे दिया। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी INDIA ब्लॉक अपनी गतिविधियाँ तेज़ कर रहा है।

सरकार की प्रतिक्रिया और बयान

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत में अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, 'लोगों को अराजक तत्वों के प्रति सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए, ताकि अराजकता को कोई जगह न मिल सके।' कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए निषाद ने कहा कि राहुल गांधी के पास और कुछ नहीं बचा है और जनता ने उन्हें नकार दिया है।

मंत्री आशीष सिंह पटेल ने आरोप लगाया कि विपक्ष के सदस्य चीज़ों में बाधा डालने और अफरातफरी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरा NDA आज एक साथ आया है। विपक्ष ने हमेशा लोकतंत्र के खिलाफ ही काम किया है।'

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे वाले मुद्दे पर पलटवार

राहुल गांधी की मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की माँग पर मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति जनता के वोटों से सांसद चुना जाता है और वह किसी संवैधानिक संस्था के प्रमुख का इस्तीफा माँगे, तो ऐसा लगता है कि वह सच्चे जनप्रतिनिधि की भूमिका नहीं निभा रहा। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी हाथ में संविधान की कॉपी लेकर सिर्फ घूमते हैं, उसे पढ़ते नहीं हैं।'

गौरतलब है कि यह टिप्पणियाँ ऐसे समय में आई हैं जब चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर देशभर में सियासी बहस चल रही है। दिनेश प्रताप सिंह ने INDIA ब्लॉक की रैलियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष केवल अपने निजी स्वार्थों को साधने में लगा रहता है।

NDA का व्यापक संदेश

मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जनभावनाओं का सम्मान, संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा और शांति व सुशासन के मार्ग को सशक्त बनाना सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा, 'लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा ही सशक्त और समृद्ध भारत की आधारशिला है।' यह पदयात्रा NDA के लिए जनसंपर्क अभियान का हिस्सा मानी जा रही है, जो आगामी राजनीतिक चुनौतियों की पृष्ठभूमि में आयोजित की गई।

आगे क्या

NDA द्वारा इस तरह की पदयात्राओं और जनजागरण अभियानों का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। विपक्षी INDIA ब्लॉक की प्रतिक्रिया और पलटवार की संभावना से आने वाले दिनों में सियासी माहौल और गरमाने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार केंद्रीय मंत्री की उपस्थिति इसे राज्य की सीमाओं से बाहर ले जाती है। राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमले और CEC के इस्तीफे की माँग को 'असंवैधानिक' बताना एक सुविचारित काउंटर-नैरेटिव है, जो संस्थागत विश्वसनीयता की बहस को विपक्ष के इर्द-गिर्द केंद्रित करता है। हालाँकि, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर सत्ता पक्ष की यह सफाई तब अधिक विश्वसनीय होती जब वह विपक्ष की आलोचनाओं का तथ्यात्मक खंडन भी पेश करती।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा क्या है?
यह NDA द्वारा 3 नवंबर 2026 को लखनऊ में आयोजित एक राजनीतिक मार्च है, जिसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तर प्रदेश सरकार के कई कैबिनेट मंत्री शामिल हुए। इसका उद्देश्य विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने के आरोप लगाना और NDA की एकजुटता प्रदर्शित करना था।
शिवराज सिंह चौहान इस पदयात्रा में क्यों शामिल हुए?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी ने इस पदयात्रा को राज्यस्तरीय आयोजन से ऊपर उठाकर एक राष्ट्रीय राजनीतिक संदेश का रूप दिया। यह NDA की ओर से विपक्षी INDIA ब्लॉक की बढ़ती सक्रियता के जवाब में एकजुटता दिखाने का प्रयास माना जा रहा है।
राहुल गांधी की CEC के इस्तीफे वाली माँग पर NDA नेताओं ने क्या कहा?
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जनता के वोटों से चुना गया सांसद यदि किसी संवैधानिक संस्था के प्रमुख का इस्तीफा माँगे, तो यह उसकी जनप्रतिनिधि की भूमिका के विपरीत है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी संविधान की कॉपी लेकर घूमते हैं, लेकिन उसे पढ़ते नहीं।
NDA ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
NDA नेताओं ने विपक्ष पर अफरातफरी फैलाने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने और निजी स्वार्थों के लिए काम करने के आरोप लगाए। मंत्री आशीष सिंह पटेल ने कहा कि विपक्ष ने हमेशा लोकतंत्र के खिलाफ काम किया है।
इस पदयात्रा का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह पदयात्रा INDIA ब्लॉक की बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों के बीच NDA का जन-संपर्क अभियान है। इसके माध्यम से सत्तारूढ़ गठबंधन ने संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा का आख्यान खुद से जोड़ने और राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक साबित करने की कोशिश की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 8 घंटे पहले
  3. 8 घंटे पहले
  4. 11 घंटे पहले
  5. कल
  6. 6 दिन पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 5 महीने पहले