भागलपुर में NDA का 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च, विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के भागलपुर में 2 नवंबर 2026 को आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधा। NDA नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार चुनावी पराजय के बाद देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
इस पदयात्रा में बिहार सरकार के कई मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। नेताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया बयानों, युवाओं को कथित तौर पर भड़काने और चुनाव आयोग सहित संवैधानिक निकायों की छवि खराब करने जैसे मुद्दों पर विपक्ष को घेरा।
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब देश में चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाज़ी तेज़ हो गई है।
मंत्री दीपक प्रकाश की प्रतिक्रिया
बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने राहुल गांधी के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष उन स्थानों और घटनाओं से प्रेरणा लेने की कोशिश कर रहा है, जहाँ हिंसक संघर्ष के ज़रिए सत्ता परिवर्तन का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा, 'विपक्ष आज के समय में ऐसी जगहों से प्रेरणा ले रहा है, जहाँ खूनी संघर्ष के माध्यम से तख्तापलट करने की कोशिश की गई है। लेकिन हमारे देश का संविधान और लोकतांत्रिक परंपराएँ काफ़ी मज़बूत हैं। विपक्ष अपने प्रयासों में सफल नहीं होगा।'
दीपक प्रकाश ने यह भी कहा कि विपक्ष ने पहले ईवीएम को लेकर सवाल उठाए, फिर एसआईआर को मुद्दा बनाने का प्रयास किया और अब युवाओं को भड़काकर उनका राजनीतिक इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है।
BJP नेता मृत्युंजय तिवारी का गांधी परिवार पर हमला
BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी नहीं चाहते कि प्रियंका गांधी को पार्टी में आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दिनों प्रियंका गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि कांग्रेस के भीतर भाई-बहन के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा चल रही है।
गौरतलब है कि तिवारी का यह दावा कांग्रेस की ओर से अब तक खंडन नहीं किया गया है। इस तरह के आरोप पहले भी समय-समय पर सत्तापक्ष की ओर से लगाए जाते रहे हैं।
मंत्री नीतीश मिश्रा और संतोष सुमन का बयान
बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मिश्रा ने पदयात्रा के उद्देश्य पर बात करते हुए कहा कि विपक्ष ऐसा माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है, जिससे लोगों को लगे कि देश में चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं होते। उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा के ज़रिए NDA जनता को यह संदेश देना चाहता है कि भारत में लोकतंत्र पूरी तरह कायम है।
मंत्री संतोष सुमन ने कहा, 'कांग्रेस पिछले एक-दो महीनों से संविधान और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बयान दे रही है। देश में भ्रम फैलाकर अराजकता पैदा करने की कोशिश की जा रही है। इसके विरोध में NDA के सभी सहयोगी दलों ने मिलकर आज जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया है।'
आगे की राजनीतिक दिशा
यह पदयात्रा बिहार में NDA के जनाधार को मज़बूत करने और विपक्ष के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान चलाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के आयोजन आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में सत्तापक्ष की तैयारी का संकेत देते हैं। NDA की ओर से इस प्रकार के और अभियान आने वाले हफ्तों में भी जारी रह सकते हैं।