2 नवंबर 2026
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भागलपुर में NDA का 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च, विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप

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भागलपुर में NDA का 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च, विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप

सारांश

बिहार के भागलपुर में NDA का 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च महज़ एक राजनीतिक जुलूस नहीं था — यह विपक्ष के खिलाफ सुनियोजित जवाबी आक्रामकता थी। मंत्री दीपक प्रकाश से लेकर नीतीश मिश्रा तक, हर नेता ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

2 नवंबर 2026 को भागलपुर में NDA का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा आयोजित हुई।
बिहार मंत्री दीपक प्रकाश ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह हिंसक तख्तापलट वाली घटनाओं से प्रेरणा ले रहा है।
BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा होने का दावा किया।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता में भ्रम फैला रहा है।
मंत्री संतोष सुमन ने कांग्रेस पर पिछले एक-दो महीनों से संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ लगातार बयान देने का आरोप लगाया।

बिहार के भागलपुर में 2 नवंबर 2026 को आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधा। NDA नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार चुनावी पराजय के बाद देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

इस पदयात्रा में बिहार सरकार के कई मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। नेताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया बयानों, युवाओं को कथित तौर पर भड़काने और चुनाव आयोग सहित संवैधानिक निकायों की छवि खराब करने जैसे मुद्दों पर विपक्ष को घेरा।

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब देश में चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाज़ी तेज़ हो गई है।

मंत्री दीपक प्रकाश की प्रतिक्रिया

बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने राहुल गांधी के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष उन स्थानों और घटनाओं से प्रेरणा लेने की कोशिश कर रहा है, जहाँ हिंसक संघर्ष के ज़रिए सत्ता परिवर्तन का प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा, 'विपक्ष आज के समय में ऐसी जगहों से प्रेरणा ले रहा है, जहाँ खूनी संघर्ष के माध्यम से तख्तापलट करने की कोशिश की गई है। लेकिन हमारे देश का संविधान और लोकतांत्रिक परंपराएँ काफ़ी मज़बूत हैं। विपक्ष अपने प्रयासों में सफल नहीं होगा।'

दीपक प्रकाश ने यह भी कहा कि विपक्ष ने पहले ईवीएम को लेकर सवाल उठाए, फिर एसआईआर को मुद्दा बनाने का प्रयास किया और अब युवाओं को भड़काकर उनका राजनीतिक इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है।

BJP नेता मृत्युंजय तिवारी का गांधी परिवार पर हमला

BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी नहीं चाहते कि प्रियंका गांधी को पार्टी में आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दिनों प्रियंका गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि कांग्रेस के भीतर भाई-बहन के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा चल रही है।

गौरतलब है कि तिवारी का यह दावा कांग्रेस की ओर से अब तक खंडन नहीं किया गया है। इस तरह के आरोप पहले भी समय-समय पर सत्तापक्ष की ओर से लगाए जाते रहे हैं।

मंत्री नीतीश मिश्रा और संतोष सुमन का बयान

बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मिश्रा ने पदयात्रा के उद्देश्य पर बात करते हुए कहा कि विपक्ष ऐसा माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है, जिससे लोगों को लगे कि देश में चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं होते। उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा के ज़रिए NDA जनता को यह संदेश देना चाहता है कि भारत में लोकतंत्र पूरी तरह कायम है।

मंत्री संतोष सुमन ने कहा, 'कांग्रेस पिछले एक-दो महीनों से संविधान और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बयान दे रही है। देश में भ्रम फैलाकर अराजकता पैदा करने की कोशिश की जा रही है। इसके विरोध में NDA के सभी सहयोगी दलों ने मिलकर आज जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया है।'

आगे की राजनीतिक दिशा

यह पदयात्रा बिहार में NDA के जनाधार को मज़बूत करने और विपक्ष के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान चलाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के आयोजन आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में सत्तापक्ष की तैयारी का संकेत देते हैं। NDA की ओर से इस प्रकार के और अभियान आने वाले हफ्तों में भी जारी रह सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

अराजकता हटाओ' जैसे आयोजन सत्तापक्ष की उस पुरानी रणनीति का हिस्सा हैं जिसमें विपक्ष के संस्थागत आलोचना को 'अराजकता' के रूप में परिभाषित किया जाता है — यह बहस की दिशा को बदल देती है। दीपक प्रकाश का यह दावा कि विपक्ष 'खूनी तख्तापलट' वाली घटनाओं से प्रेरणा ले रहा है, गंभीर आरोप है, लेकिन इसके साथ कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। मृत्युंजय तिवारी का राहुल-प्रियंका प्रतिस्पर्धा का दावा सत्यापन से परे है और कांग्रेस ने अभी तक इसका जवाब नहीं दिया। असली सवाल यह है कि क्या इस तरह की पदयात्राएँ बिहार में NDA के लिए ज़मीनी समर्थन बनाने में कामयाब होंगी, या ये महज़ मीडिया साइकल को प्रभावित करने का उपकरण हैं।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च क्या है?
यह NDA द्वारा बिहार के भागलपुर में 2 नवंबर 2026 को आयोजित एक पदयात्रा है, जिसका उद्देश्य विपक्ष के संवैधानिक संस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाना बताया गया। इसमें बिहार सरकार के कई मंत्री और BJP नेता शामिल हुए।
NDA नेताओं ने विपक्ष पर क्या-क्या आरोप लगाए?
NDA नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष — खासकर कांग्रेस — लगातार चुनावी हार के बाद ईवीएम, एसआईआर और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता में भ्रम फैला रहा है। मंत्री दीपक प्रकाश ने यह भी कहा कि विपक्ष हिंसक सत्ता परिवर्तन वाली घटनाओं से प्रेरणा ले रहा है।
BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने गांधी परिवार के बारे में क्या दावा किया?
BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने दावा किया कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी प्रियंका गांधी को पार्टी में आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी को हाल ही में बोलने का अवसर नहीं दिए जाने से कांग्रेस के भीतर भाई-बहन की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा स्पष्ट हो रही है।
बिहार मंत्री नीतीश मिश्रा ने इस पदयात्रा का उद्देश्य क्या बताया?
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि इस पदयात्रा के ज़रिए NDA जनता को यह संदेश देना चाहता है कि देश में लोकतंत्र पूरी तरह कायम है और संवैधानिक व्यवस्था मज़बूत है। उन्होंने विपक्ष पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
इस आयोजन का बिहार की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
यह पदयात्रा बिहार में NDA के जनाधार को मज़बूत करने और विपक्ष की आलोचना का जवाब देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के आयोजन आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी के संकेत हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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