क्या शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक सरकार से महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की?

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क्या शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक सरकार से महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की?

सारांश

शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक सरकार से महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है। उनका कहना है कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वे महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर ध्यान दें। क्या इस अपील के बाद सरकार ठोस कदम उठाएगी? जानिए इस मुद्दे पर उनके विचार।

Key Takeaways

  • महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
  • सरकार को पुलिस की कार्यप्रणाली सुधारने की जरूरत है।
  • पैसे के लेन-देन के कारण अधिकारी कमजोर हो गए हैं।
  • महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या चिंताजनक है।
  • जमीनी स्तर पर घटनाओं की जानकारी हासिल करना जरूरी है।

बेंगलुरु, 31 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की प्रमुख, शोभा करंदलाजे ने शुक्रवार को कर्नाटक सरकार से महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "आप किसी को भी मुख्यमंत्री बना सकते हैं, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।"

भाजपा के प्रदेश कार्यालय 'जगन्नाथ भवन' में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता गृह मंत्री क्या कर रहे हैं, या वह जिला-स्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित करते हैं या नहीं। गृह मंत्री को पुलिस अधीक्षकों और अधिकारियों के साथ बैठकें करनी चाहिए और कानून-व्यवस्था की स्थिति का मूल्यांकन करना चाहिए। लेकिन जैसे ही वह बेंगलुरु से बाहर निकलते हैं, ऐसा लगता है जैसे वह किसी दूसरे राज्य में पहुँच गए हों।"

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की आलोचना करते हुए करंदलाजे ने कहा, "मुख्यमंत्री शिलान्यास समारोहों के लिए हेलीकॉप्टर से यात्रा करते हैं। उन्हें जमीनी स्तर पर चल रही घटनाओं का कोई ख्याल नहीं है। उप-मुख्यमंत्री D.K. शिवकुमार की राजनीति बेंगलुरु और विधान सौध के चारों ओर घूमती है। जल्द ही मुख्यमंत्री बनने की इच्छा के अलावा, उनके पास और कोई विचार नहीं है।"

उन्हें चिंता है कि ऐसे ही व्यस्तताओं के कारण कर्नाटक में महिलाओं के खिलाफ अपराध, जैसे बलात्कार और हत्या, जारी हैं।

करंदलाजे ने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के बजाय उनकी वर्दी बदलने में अधिक रुचि रखती है। उन्होंने कहा, "बिना पैसे दिए कोई भी पुलिस अधिकारी नहीं बदलता। हर थाने के लिए एक निश्चित दर होती है। जब पैसे का लेन-देन होता है, तभी तबादला होता है।"

उन्होंने कहा, "मेरे निर्वाचन क्षेत्र में, पुलिस अधिकारियों का हर छह या दस महीने में तबादला होता है। क्यों? क्योंकि एक बार पैसे देने पर लाभ उस अवधि तक ही रहता है। उसके बाद, उन्हें बने रहने के लिए फिर से भुगतान करना पड़ता है। अन्यथा, कोई और आ जाएगा जो अधिक पैसे देता है। इस धन-हस्तांतरण रैकेट के कारण अधिकारियों का आत्मविश्वास कम हो गया है।"

उन्होंने अफसोस जताया कि पैसे को काम से अधिक महत्वपूर्ण बना दिया गया है। "पिछले दो वर्षों में कर्नाटक में महिलाओं के साथ बलात्कार, सामूहिक बलात्कार और हमलों के 1,800 से अधिक मामले सामने आए हैं। मुख्यमंत्री के अपने जिले में, एक गुब्बारे बेचने वाली लड़की का बलात्कार किया गया और हत्या कर दी गई। हुबली में, एक कॉलेज की छात्रा नेहा हिरेमठ की हत्या कर दी गई। जब सरकार सत्ता में आई थी और बेलगावी में विधानसभा सत्र चल रहा था, तब बेलगावी शहर में एक महिला को निर्वस्त्र करके पीटा गया।"

Point of View

यह स्पष्ट है कि महिलाओं की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है। शोभा करंदलाजे की अपील सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए बाध्य करती है। हमें उम्मीद है कि इस प्रकार के मुद्दों पर चर्चा और कार्रवाई होगी ताकि सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
NationPress
15/02/2026

Frequently Asked Questions

शोभा करंदलाजे ने किस बात पर जोर दिया?
उन्होंने कर्नाटक सरकार से महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की।
कर्नाटक में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या कितनी है?
पिछले दो वर्षों में कर्नाटक में 1,800 से अधिक बलात्कार के मामले सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर शोभा करंदलाजे ने क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जमीनी स्तर पर हो रही घटनाओं से अनजान हैं।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए?
सरकार को पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली को मजबूत करना चाहिए और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए ठोस उपाय करने चाहिए।
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