श्रावस्ती में NH-730 पर दो ट्रकों की भीषण भिड़ंत, दोनों चालकों की मौत; 5 घायल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में 3 जुलाई 2026 की सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग 730 पर दो ट्रकों के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई, जिसमें दोनों ट्रक चालकों की मौके पर मौत हो गई और पाँच अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में तीन वे लोग भी शामिल हैं जो एक घर के बाहर चारपाई पर आराम कर रहे थे और टक्कर की चपेट में आ गए।
हादसे का घटनाक्रम
यह दुर्घटना नवीन मोर्डन थाना क्षेत्र के विजईपुर के निकट हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ट्रकों का अगला हिस्सा पूरी तरह बर्बाद हो गया। एक ट्रक में लकड़ियाँ लदी थीं, जो टक्कर के बाद सड़क पर बिखर गईं और हाईवे पर लंबा जाम लग गया।
एक ट्रक चालक के सहयोगी ने बताया कि वे सिद्धार्थनगर से तम्बौर की ओर लकड़ी लेकर जा रहे थे। उसके अनुसार, नींद आने के कारण यह हादसा हुआ। उसके ट्रक में कुल तीन लोग सवार थे — एक चालक की मौत हो गई, जबकि वह और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए।
राहत और बचाव अभियान
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और घायलों को बाहर निकाला। एक ट्रक चालक को जेसीबी मशीन की मदद से कई घंटों की मशक्कत के बाद मलबे से निकाला गया। इसके बाद एंबुलेंस से सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने हाईवे पर यातायात सामान्य करने के भी प्रयास किए।
घर के बाहर आराम कर रहे तीन लोगों में से एक महिला ने बताया कि सुबह अचानक हुई इस दुर्घटना ने उन्हें चपेट में ले लिया। तीनों को समय पर निकाल कर अस्पताल पहुँचाया गया।
उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों की बढ़ती चिंता
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के एटा जिले में भी देर रात एक अलग सड़क दुर्घटना में 4 लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हुए। एटा के जिलाधिकारी अरविंद सिंह के अनुसार, बागवाला थाना क्षेत्र में किलरमऊ के नजदीक एक तेज रफ्तार कैंटर ने सड़क किनारे खड़ी रोडवेज बस को पीछे से टक्कर मारी। बस के भीतर बैठे यात्रियों को मामूली चोटें आईं, लेकिन सड़क किनारे खड़े कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए। अस्पताल में चार यात्रियों को मृत घोषित किया गया और एक की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
आगे क्या
पुलिस ने दोनों हादसों में मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। श्रावस्ती हादसे में नींद को प्रारंभिक कारण बताया जा रहा है, जो लंबी दूरी के माल वाहन चालकों में थकान की गंभीर समस्या को रेखांकित करता है। घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।