क्या श्री माता वैष्णो देवी कटरा और श्रीनगर के बीच विशेष ट्रेन का सफल संचालन हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- विशेष आरक्षित ट्रेन का सफल संचालन
- यात्रियों ने सुरक्षित यात्रा की सराहना की
- खराब मौसम में सुविधाजनक विकल्प
- ऑक्यूपेंसी रेट 100 प्रतिशत से अधिक रहा
- कश्मीर आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की संभावना
जम्मू, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तरी रेलवे का जम्मू डिवीजन अपने यात्रियों को सर्वोत्तम सुविधाएं और आरामदायक यात्रा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यात्रियों की सुविधा के लिए इस प्रतिबद्धता के तहत मंगलवार को श्री माता वैष्णो देवी कटरा और श्रीनगर के बीच विशेष आरक्षित ट्रेन संख्या 04627 का सफलतापूर्वक संचालन किया गया।
यह विशेष आरक्षित ट्रेन जम्मू डिवीजन द्वारा भारी भीड़ और खराब मौसम को देखते हुए चलाई गई। यह ट्रेन यात्रियों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित विकल्प साबित हुई। विशेष आरक्षित ट्रेन संख्या 04627 अपने निर्धारित समय सुबह 8:10 बजे पर रवाना हुई और इसमें 650 से अधिक यात्रियों ने यात्रा की।
ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों ने रेलवे की इस पहल के लिए आभारबेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करता है। खराब मौसम और बर्फबारी के कारण आज यह विशेष आरक्षित ट्रेन चलाई गई। हवाई और सड़क यातायात प्रभावित था, जिसके कारण रेलवे ही एकमात्र विकल्प था जिसने यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान कीं।
विशेष आरक्षित ट्रेन संख्या 04628 के संदर्भ में यह ट्रेन 27 जनवरी को श्रीनगर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंची। यह अपने निर्धारित समय दोपहर 2 बजे रवाना हुई और इसमें 700 से अधिक यात्रियों ने यात्रा की।
श्रीनगर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा यात्रा करने वाले यात्रियों ने रेलवे द्वारा चलाई गई इस विशेष ट्रेन की सराहना की और कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से कश्मीर आने वाले पर्यटक अब सुगम यात्रा का अनुभव कर रहे हैं।
विशेष आरक्षित ट्रेन के सफल संचालन पर टिप्पणी करते हुए सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर उचित सिंघल ने कहा, "इस स्पेशल ट्रेन ने खराब मौसम के दौरान श्री माता वैष्णो देवी कटरा और कश्मीर घाटी के बीच कनेक्टिविटी को सुगम बनाया है। ट्रेन में 100 प्रतिशत से अधिक ऑक्यूपेंसी रेट रहा। यात्रियों ने इस सेवा की सराहना की और कहा कि यह ट्रेन उनके लिए बहुत फायदेमंद रही, विशेषकर जब सड़क और हवाई यात्रा बाधित थी। यह पहल खराब मौसम के दौरान सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण कदम है, जिससे कश्मीर आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।