क्या राहुल गांधी की तुलना श्रीराम से उचित है? रामभद्राचार्य का तीखा बयान

Click to start listening
क्या राहुल गांधी की तुलना श्रीराम से उचित है? रामभद्राचार्य का तीखा बयान

सारांश

जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने राहुल गांधी की श्रीराम से तुलना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका मानना है कि यह चाटुकारिता है और राहुल गांधी भगवान राम को समझने में असफल हैं। जानिए इस विवादास्पद बयान के पीछे की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • रामभद्राचार्य ने राहुल गांधी की तुलना को हास्यास्पद बताया।
  • बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई।
  • ममता बनर्जी के मंदिर निर्माण को चुनावी स्टंट बताया।

नागपुर, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने कांग्रेस नेता नाना पटोले के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी वही कार्य कर रहे हैं, जो प्रभु राम ने किया था। इस पर रामभद्राचार्य ने कहा कि यह केवल चाटुकारिता है। वे भगवान राम को समझने में असफल रहे हैं।

नागपुर में स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि श्रीराम और राहुल गांधी की तुलना करना कितना हास्यास्पद है? दोनों में किसी भी मायने में तुलना नहीं की जा सकती। क्या जुगनू और सूर्य नारायण की तुलना हो सकती है?

उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी दलितों के लिए कौन सा कार्य कर रहे हैं? वे जो कर रहे हैं, उसे केवल भगवान ही समझते हैं।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बारे में स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। वहाँ के लोगों और सरकार को समझना चाहिए कि हिंदुओं के समर्थन से ही बांग्लादेश अस्तित्व में आया था। अगर हिंदुओं पर अत्याचार होगा, तो हम इसे सहन नहीं करेंगे। सरकार को आक्रामक रुख अपनाना चाहिए।

आईपीएल में शाहरुख़ ख़ान की टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को शामिल करने पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि वे ऐसा करेंगे ही, क्योंकि उनका रुख देशहित में नहीं है।

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी द्वारा मंदिर निर्माण को चुनावी स्टंट बताने के साथ, उन्होंने कहा कि भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें। ममता हमारी बहन हैं, मैं उनके लिए भगवान से सद्बुद्धि की प्रार्थना करता हूँ।

राम मंदिर के दो साल पूरे होने पर उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है। मैंने तो कोर्ट में गवाही भी दी थी। जिस पेड़ को माली लगाता है, जब वह बड़ा हो जाता है, तो माली को खुशी होती है। मुझे भी राम मंदिर को लेकर खुशी है।

उन्होंने विपक्ष के नेताओं के राम मंदिर नहीं जाने पर कहा कि इन नेताओं का दुर्भाग्य है कि वे नहीं गए। ममता बनर्जी खुद राम मंदिर नहीं गई हैं।

Point of View

NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

राहुल गांधी और श्रीराम की तुलना क्यों की गई?
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने राहुल गांधी की तुलना श्रीराम से की थी, जिस पर स्वामी रामभद्राचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
स्वामी रामभद्राचार्य का इस पर क्या कहना है?
उन्होंने इसे चाटुकारिता और असंगत बताया है, यह विश्वास दिलाते हुए कि राहुल गांधी भगवान राम को समझने में असफल हैं।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर उनका क्या विचार है?
उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सरकार से आक्रामक रुख अपनाने की अपील की है।
Nation Press