क्या रावण से राहुल गांधी की तुलना करना तार्किक है? संजय निरुपम का बयान
सारांश
Key Takeaways
- संजय निरुपम ने राहुल गांधी की तुलना रावण से करने का सुझाव दिया।
- बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर चिंता।
- शिवसेना (यूबीटी) ने अपनी मूल विचारधारा से भटकने का आरोप।
मुंबई, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता नाना पटोले द्वारा राहुल गांधी की भगवान श्रीराम से तुलना करने पर शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे बेहद बेतुका और हास्यास्पद बताया। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास भगवान राम के आदर्शों और मूल्यों के खिलाफ रहा है।
संजय निरुपम ने कहा कि यदि राहुल गांधी की तुलना करनी हो, तो उन्हें भगवान श्रीराम के बजाय रावण से तुलना करना अधिक तार्किक होगा।
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में वहां हिंदू समुदाय के खिलाफ कई हिंसक घटनाएं हुई हैं, जिससे भारत में गहरा आक्रोश उत्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण लोगों में भारी गुस्सा और नाराजगी है।
उन्होंने उदाहरण दिया कि यदि किसी भारतीय हस्ती की गतिविधियों में बांग्लादेश का कोई कनेक्शन दिखता है, तो यह मौजूदा माहौल में विवाद का कारण बन सकता है।
संजय निरुपम ने ठाकरे गुट की शिवसेना (यूबीटी) पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि जिस शिवसेना की स्थापना बालासाहेब ठाकरे ने की थी, वह हमेशा हिंदी, हिंदू और हिंदुस्तान की विचारधारा के साथ खड़ी रही। लेकिन अब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना (यूबीटी) ने अपनी मूल विचारधारा को भुलाकर मुस्लिम वोट बैंक की ओर रुख कर लिया है।
निरुपम ने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) अब हिंदी या मराठी के बजाय उर्दू में पर्चे और प्रचार सामग्री छापकर वोट मांग रही है। उन्होंने कहा कि यह रणनीति जनता के सामने उनकी असलियत को उजागर कर रही है, और लोग इसे समझ चुके हैं।