क्या हरिद्वार में निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी का संन्यास दीक्षा और अवतरण दिवस मनाया गया?

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क्या हरिद्वार में निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी का संन्यास दीक्षा और अवतरण दिवस मनाया गया?

सारांश

हरिद्वार में स्वामी कैलाशानंद गिरी का संन्यास दीक्षा और अवतरण दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस समारोह में प्रमुख संत और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। स्वामी कैलाशानंद गिरी के योगदान को सराहा गया, जिसमें वे धर्म और अध्यात्म के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Key Takeaways

  • स्वामी कैलाशानंद गिरी का संन्यास दीक्षा और अवतरण दिवस मनाया गया।
  • जगद्गुरु शंकराचार्य ने स्वामी जी की विद्वता की सराहना की।
  • समारोह में कई प्रमुख संतों ने भाग लिया।
  • स्वामी जी का जीवन धर्म और अध्यात्म का प्रेरणास्त्रोत है।
  • समाज को धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करने का उनका उद्देश्य है।

हरिद्वार, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज का पांचवां संन्यास दीक्षा और अवतरण दिवस मनाया गया।

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज की अध्यक्षता में श्री दक्षिण काली मंदिर में आयोजित भव्य समारोह में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी, जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी, आचार्य लोकेश मुनि, स्वामी चिदानंद सरस्वती, स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी सहित अनेक प्रमुख संतों और गणमान्य व्यक्तियों ने स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज को बधाई दी।

स्वामी कैलाशानंद गिरी को संन्यास दीक्षा और अवतरण दिवस की बधाई देते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज विद्वान संत हैं। वे सनातन धर्म संस्कृति के देश-विदेश में प्रचार-प्रसार में अहम योगदान दे रहे हैं। उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणादायी है।

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय सनातन का समय है। संत महापुरुषों के सानिध्य में सनातन धर्म की पताका पूरे विश्व में फहरा रही है, जिसमें निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार-प्रसार के साथ श्रद्धालु भक्तों को धर्म और अध्यात्म का ज्ञान प्रदान कर कल्याण के मार्ग पर अग्रसर करने में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी एवं आनंद पीठाधीश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज ने भी स्वामी कैलाशानंद गिरी को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि योग्य शिष्य हीguru की कीर्ति को आगे बढ़ाते हैं। उनका जप-तप पूरी दुनिया के लिए अद्भुत चमत्कार से कम नहीं है।

विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भी स्वामी कैलाशानंद गिरी को बधाई देने पहुंचीं। उन्होंने कहा कि संत महापुरुषों के सानिध्य में कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने संत महापुरुषों से आशीर्वाद भी लिया।

स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु ही परमात्मा का दूसरा स्वरूप हैं। वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें गुरु के रूप में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। निरंजनी अखाड़े की परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए समाज को धर्म और अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर करना ही उनके जीवन का लक्ष्य है।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी. एल. संतोष ने पूज्य गुरुदेव को फोन करके आशीर्वाद लिया और उन्हें जन्म दिवस की बधाई दी। सड़क एवं परिवहन मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने भी फोन करके गुरुदेव का आशीर्वाद लिया और बधाई दी।

स्वामी कैलाशानंद गिरी के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी एवं पूर्व विधायक संगीत सोम ने फूलमाला पहनाकर सभी संतों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन आचार्य पवनदत्त मिश्र ने किया।

Point of View

बल्कि यह समाज के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत भी है। संतों का समागम यह दर्शाता है कि धर्म और अध्यात्म का महत्व आज भी जीवित है। इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देते हैं।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

स्वामी कैलाशानंद गिरी कौन हैं?
स्वामी कैलाशानंद गिरी निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर हैं, जो सनातन धर्म के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस समारोह का महत्व क्या है?
यह समारोह स्वामी कैलाशानंद गिरी के पांचवे संन्यास दीक्षा और अवतरण दिवस को मनाने के लिए आयोजित किया गया है, जो उनके योगदान को सम्मानित करता है।
समारोह में कौन-कौन से प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे?
समारोह में जगद्गुरु शंकराचार्य, महंत रविंद्रपुरी, आचार्य बालकृष्ण सहित अनेक प्रमुख संत और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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