क्या सिद्धारमैया ने धोखा खाया? आज उसी का दे रहे हैं साथ!

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क्या सिद्धारमैया ने धोखा खाया? आज उसी का दे रहे हैं साथ!

सारांश

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का बिहार दौरा और राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' पर भाजपा के अमित मालवीय का तंज। क्या यह विडंबना है कि जो नेता कभी कांग्रेस की धोखाधड़ी का शिकार हुए, आज वही उनकी रैली का नेतृत्व कर रहे हैं? यह जानने के लिए पढ़ें।

Key Takeaways

  • सिद्धारमैया का कांग्रेस के साथ होना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है।
  • अमित मालवीय की आलोचना से यह स्पष्ट होता है कि राजनीति में विडंबनाएं होती हैं।
  • राहुल गांधी की यात्रा का उद्देश्य वोट चोरी के खिलाफ जागरूकता फैलाना है।

नई दिल्ली, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' जारी है, जो कथित वोट चोरी के खिलाफ है। इस यात्रा का समापन 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में होगा।

इससे पहले, कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक में शामिल राजनीतिक दलों के नेता यात्रा में भाग ले रहे हैं। इसी संदर्भ में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया शुक्रवार को सीवान दौरे पर हैं।

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का एक वीडियो साझा किया है। उन्होंने लिखा, 'सिद्धारमैया ने स्वयं स्वीकार किया है कि वह 1991 के कोप्पल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की धोखाधड़ी का शिकार हुए थे। वह चुनावी धोखाधड़ी के कारण चुनाव हार गए थे। यह वीडियो इसका प्रमाण है।'

अमित मालवीय ने कहा कि वही व्यक्ति जो कभी कांग्रेस की वोट चोरी के खिलाफ लड़ता था, आज वही उनका सीएम है और तथाकथित वोट अधिकार रैली का नेतृत्व कर रहा है। यह विडंबना भारत के लोगों से छिपी नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह वाकई में एक बड़ी विडंबना है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया वोटर अधिकार रैली के लिए बिहार में हैं, उसी कांग्रेस के साथ, जिस पर उन्होंने 1991 के कोप्पल लोकसभा चुनावों में चुनावी धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। उस समय उन्होंने 'वोट चोरी' का रोना रोया क्योंकि वह मतपत्रों पर हार गए थे।

अमित मालवीय ने आगे कहा कि आज राहुल गांधी 'चुनावी धोखाधड़ी' के बारे में सिर्फ इसलिए शोर मचा रहे हैं, क्योंकि भारत के लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया और न हैक न किए जा सकने वाले ईवीएम के माध्यम से निर्णायक रूप से कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया है।

अमित मालवीय ने तंज करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के बारे में नहीं, बल्कि पारिवारिक व्यवसाय के बारे में है, जिसने अपनी प्रासंगिकता खो दी है। 'वोटर अधिकार' रैली पाखंड का एक मास्टरक्लास है और उसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अवैध बनाने का एक प्रयास है, जिसने उन्हें उनकी असली जगह दिखाई है।

Point of View

हमें यह समझना होगा कि राजनीति में कभी-कभी ऐसे मोड़ आते हैं जो हमें चौंका देते हैं। सिद्धारमैया का कांग्रेस के साथ रहना एक महत्वपूर्ण संकेत है। हमें अपने लोकतंत्र की रक्षा के लिए सतर्क रहना चाहिए और हर स्थिति का निष्पक्ष मूल्यांकन करना चाहिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

किसने सिद्धारमैया की आलोचना की?
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सिद्धारमैया की आलोचना की।
राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' का क्या उद्देश्य है?
इस यात्रा का उद्देश्य कथित वोट चोरी के खिलाफ जागरूकता फैलाना है।
सिद्धारमैया ने कब कांग्रेस की धोखाधड़ी का शिकार होने का दावा किया?
उन्होंने 1991 के कोप्पल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की धोखाधड़ी का शिकार होने का दावा किया।