क्या सिद्दीकी के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया?

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क्या सिद्दीकी के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया?

सारांश

दरभंगा के राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने अपने विवादित बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और उन्होंने कभी नहीं कहा कि 'देश कांग्रेस का गुलाम था।' जानिए सिद्दीकी ने क्या कहा और इस मामले में विवाद की जड़ें।

Key Takeaways

  • अब्दुल बारी सिद्दीकी ने अपने बयान के लिए सफाई दी।
  • उन्होंने कहा कि उनका बयान तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
  • सिद्दीकी का कहना है कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था।
  • उन्होंने सभी धर्मों के लोगों के एकजुट होने की बात कही।
  • बिहार की राजनीति में इस बयान ने हलचल मचाई है।

दरभंगा, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने अपने एक विवादित बयान पर स्पष्टतातोड़-मरोड़कर पेश किया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि 'देश कांग्रेस का गुलाम हुआ करता था।'

सिद्दीकी ने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।

राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि वह इस बात से आश्चर्यचकित हैं कि उनके मुंह से ऐसा बयान कैसे निकला।

उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि स्लिप ऑफ टंग हो गया होगा। इसीलिए, मैंने इसकी जांच के लिए कार्यक्रम का वीडियो देखा, और एक-दो वीडियो में मैंने पाया कि कहीं भी मैंने कांग्रेस का नाम नहीं लिया था, बल्कि अंग्रेज कहा था। पूरा वाक्य इस प्रकार था कि 'देश अंग्रेजों का गुलाम था न कि कांग्रेस का।'

उन्होंने कहा कि मैंने कई अन्य लोगों से वीडियो मंगाए और कहीं भी मैंने कांग्रेस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। मेरा कहना था कि देश अंग्रेजों का गुलाम हुआ करता था, और कांग्रेस ने गुलामी से मुक्ति के लिए नेतृत्व किया और लड़ाई लड़ी।

सिद्दीकी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है, और साजिशकर्ताओं की पहचान सभी को पता है। हालांकि, उन्होंने साजिशकर्ताओं के नाम स्पष्ट नहीं किए।

राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी का यह बयान, जिसमें उन्होंने हिंदुओं को अधिक धर्मनिरपेक्षता (सेकुलरिज्म) समझाने की बात कही, ने बिहार की राजनीति में काफी हलचल मचाई। इस बयान को लेकर विवाद बढ़ने पर सिद्दीकी ने सफाई दी कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में सभी धर्मों के लोगों ने एकजुट होकर हिस्सा लिया था, और देश को आजाद कराया।

सिद्दीकी ने कहा कि अगर कोई हिंदू-मुस्लिम, सिख या ईसाई को बांटने की राजनीति करता है, तो वह निंदनीय है। उनके पूर्वजों ने उन्हें सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करना सिखाया है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक बयानों के पीछे कई बार गहरी साजिश होती है। सिद्दीकी का मामला भी इसी का एक उदाहरण है। हमें सच्चाई को समझने की जरूरत है और तथ्यों के आधार पर विचार करना चाहिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

सिद्दीकी ने अपने विवादित बयान में क्या कहा?
सिद्दीकी ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि 'देश कांग्रेस का गुलाम हुआ करता था', बल्कि उन्होंने कहा कि 'देश अंग्रेजों का गुलाम था।'
क्या सिद्दीकी के खिलाफ साजिश रची जा रही है?
सिद्दीकी ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ एक साजिश रची जा रही है, हालांकि उन्होंने साजिशकर्ताओं के नाम नहीं बताए।
क्या सिद्दीकी का बयान बिहार की राजनीति पर प्रभाव डालेगा?
बिल्कुल, सिद्दीकी का यह बयान बिहार की राजनीति में हलचल पैदा कर सकता है और विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच टकराव को बढ़ा सकता है।