क्या सिंगर बी प्राक मार्च में आध्यात्मिक टूर शुरू करेंगे, विदेश में गूंजेगा राधकृष्ण नाम?
सारांश
Key Takeaways
- बी प्राक का आध्यात्मिक टूर मार्च में शुरू होगा।
- टूर का नाम 'साउंड्स ऑफ हरि' है।
- यह टूर भारत और विदेशों में आयोजित किया जाएगा।
- गायक ने भगवान जगन्नाथ के प्रति अपनी भक्ति प्रकट की है।
- प्रशंसकों ने इस यात्रा का स्वागत किया है।
मुंबई, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अपने गीतों से प्रेमियों को भावुक करने वाले पंजाबी और बॉलीवुड गायक बी प्राक ने एक नई आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत करने की घोषणा की है। गायक ने भगवान जगन्नाथ की मूर्ति को अपने हाथ में लेकर अपने करियर को नया मोड़ देने का निर्णय लिया है और इस नई आध्यात्मिक यात्रा में अपने प्रशंसकों से समर्थन की अपील की है। गायक जल्द ही आध्यात्मिक टूर प्रारंभ करने वाले हैं।
सभी को मालूम है कि अपने दूसरे बच्चे के निधन के बाद बी प्राक ने वृंदावन को अपना वैकुंठ मान लिया है। वे संतों के साथ अध्यात्म की राह पर चल रहे हैं। उन्होंने राधा रानी के भक्ति गीत भी जारी किए हैं, लेकिन अब वे अपनी यात्रा को नया मोड़ देना चाहते हैं।
उन्होंने एक वीडियो में बताया कि आज मैं भगवान जगन्नाथ के द्वार पर हूं और आपसे कुछ कहना चाहता हूं। पहले मुझे लगा था कि बाद में इस बारे में बात करना उचित होगा, लेकिन अब मुझे लगता है कि यही सही समय है, जब मैं खुद जगन्नाथ के दर पर हूं।
गायक ने कहा कि मार्च से वे आध्यात्मिक टूर शुरू करेंगे। यह टूर दुनिया के विभिन्न हिस्सों में होगा, जिसमें भगवान को समर्पित भक्ति गीतों पर भक्त नाचने के लिए प्रेरित होंगे। टूर का नाम होगा 'साउंड्स ऑफ हरि', जो मार्च के महीने में आयोजित होगा। टूर पहले भारत के विभिन्न हिस्सों में होगा और उसके बाद विदेश में भी राधाकृष्ण के नाम की धूम देखने को मिलेगी।
टूर की घोषणा से प्रशंसक काफी खुश हैं और सोशल मीडिया पर उन्हें पूरा समर्थन भी दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "साउंड्स ऑफ हरि, क्या पहल है बी प्राक पाजी, जय श्री राधे।"
दूसरे यूजर ने लिखा, वाह! आज के युवा को निराशा से बचाने और अध्यात्म की ओर ले जाने का इससे बेहतर विकल्प और कोई नहीं हो सकता। जगन्नाथ आप पर अपनी कृपा बनाए रखें।
बी प्राक का वृंदावन से गहरा संबंध है। अपनी जिंदगी में आई कठिनाइयों से उबरने के लिए गायक ने राधा नाम का सहारा लिया। वे कथावाचक इंद्रेश और प्रेमानंद महाराज को अपने गुरु मानते हैं। जीवन में आई हर समस्या का समाधान पाने के लिए वे प्रेमानंद महाराज के पास जाकर सवाल करते हैं। उनके साथ उनके संबंध भी बहुत अच्छे हैं। कथा हो या पारिवारिक समारोह, दोनों को कई मौकों पर साथ देखा गया है।