क्या पंजाब में पुलिस मुठभेड़ में सरपंच हत्याकांड का आरोपी मारा गया?
सारांश
Key Takeaways
- पंजाब में सरपंच की हत्या की साजिश में आरोपी की मुठभेड़ में मृत्यु।
- पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ के दौरान गोलीबारी।
- पंजाब की कानून व्यवस्था पर उठे सवाल।
- विपक्षी दलों के तीखे हमले।
- अपराधियों के बढ़ते हौसले।
अमृतसर, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब के अमृतसर में सरपंच की हत्या को लेकर सियासत गरमाई हुई है। इसी क्रम में पुलिस ने यह दावा किया है कि उन्होंने एक आरोपी को एक मुठभेड़ के दौरान पकड़ लिया, किंतु उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, तरनतारन के निकट एक मुठभेड़ में पुलिस और आरोपी के बीच गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ के दौरान आरोपी बुरी तरह घायल हुआ और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई।
फिरोजपुर के डीआईजी स्नेहदीप शर्मा ने बताया कि उनकी टीम एक सर्च ऑपरेशन कर रही थी, तब एक बिना नंबर प्लेट की बाइक देखी गई। हमने उसका पीछा किया। गुप्त सूचना के आधार पर कई स्थानों पर बैरिकेडिंग और चेकिंग पॉइंट्स लगाए गए थे।
उन्होंने कहा कि जब हमने मोटरसाइकिल सवार को रुकने के लिए कहा, तो उसने कच्ची सड़क की ओर भागने की कोशिश की और फिर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हुआ, लेकिन वह बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बच गया।
पुलिस के अनुसार, जवाबी फायरिंग में आरोपी को गोली लगी और उसे अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। आरोपी की पहचान हरनूर के रूप में हुई है और वह कैथल का निवासी है। पुलिस ने कहा कि यह व्यक्ति सरपंच हत्या की साजिश में शामिल था।
अमृतसर में एक विवाह समारोह में, सत्ताधारी पार्टी के एक सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद विपक्षी पार्टियों ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर तीखे हमले किए।
विवाह में शामिल होने आए जरनैल सिंह को अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मारी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था इतनी खराब हो गई है कि पहले अपराधी अपने चेहरे को ढककर आते थे, लेकिन अब वे बिना डर के खुलेआम अपराध कर रहे हैं। वे एक विवाह में घुसकर दिनदहाड़े गोलीबारी करते हैं और माहौल को मातम में बदल देते हैं। पंजाब में अपराधियों को किसी का डर नहीं है, लेकिन आम जनता सबसे ज्यादा भयभीत है।