क्या एसआईआर प्रक्रिया वाले राज्यों में 22 नए रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं?
सारांश
Key Takeaways
- एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत 22 नए रोल ऑब्जर्वर की नियुक्ति हुई है।
- पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 11 नए ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं।
- ये ऑब्जर्वर चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेंगे।
- चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
- गृह मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिलों का कार्यभार सौंपा गया है।
नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया वाले राज्यों में 22 नए रोल ऑब्जर्वर की नियुक्ति की है। इनमें से सबसे अधिक 11 रोल ऑब्जर्वर पश्चिम बंगाल में नियुक्त किए गए हैं, जिससे राज्य में कुल संख्या 20 हो गई है।
विशेष गहन परीक्षण में देरी पर चिंता जताई गई थी। ऐसे में नए रोल ऑब्जर्वर की नियुक्ति प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास है। ये रोल ऑब्जर्वर सुनिश्चित करेंगे कि एसआईआर चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार हो। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव गया प्रसाद को मुर्शिदाबाद का एसआरओ नियुक्त किया गया है, जबकि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव देवेश देवल को पश्चिम मेदिनीपुर का कार्यभार सौंपा गया है।
इसके अलावा, भारत निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के मसौदे पर दावों और आपत्तियों की सुनवाई के समय कुछ ईआरओ और सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) से स्पष्टीकरण मांगने पर विचार कर रहा है। आरोप है कि एसआईआर के दौरान चुनाव आयोग के विशिष्ट निर्देशों की अनदेखी की गई थी।
ईसीआई ने पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जा सकने वाले 13 दस्तावेजों को निर्दिष्ट किया था और निर्देश दिया था कि वे सूचीबद्ध 13 दस्तावेजों के अलावा किसी अन्य दस्तावेज को स्वीकार न करें। आयोग ने जिला मजिस्ट्रेटों (डीएम) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इस मामले में ईसीआई के दिशानिर्देशों का पालन किया जाए।
हालांकि, सूत्रों ने बताया कि ऐसे निर्देशों के बावजूद कई उदाहरण सामने आए हैं जहां ईआरओ और एईआरओ द्वारा गैर-सूचीबद्ध दस्तावेजों को पहचान-प्रमाण दस्तावेजों के रूप में स्वीकार किया गया है।