क्या बंगाल में एसआईआर सुनवाई के दौरान बुजुर्ग महिला की हार्ट अटैक से मौत हुई?

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क्या बंगाल में एसआईआर सुनवाई के दौरान बुजुर्ग महिला की हार्ट अटैक से मौत हुई?

सारांश

कोलकाता में एक बुजुर्ग महिला की सुनवाई के दौरान हार्ट अटैक से मौत ने कई सवाल उठाए हैं। क्या एसआईआर की प्रक्रिया ने उनकी जान ले ली? जानिए इस घटना के पीछे की वजह और परिवार की प्रतिक्रिया।

Key Takeaways

  • रत्ना चक्रवर्ती की मौत ने एसआईआर प्रक्रिया की गंभीरता को उजागर किया।
  • परिवार का कहना है कि मानसिक तनाव जानलेवा हो सकता है।
  • पुलिस ने घटना के बाद कोई कार्रवाई नहीं की।
  • सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता है।
  • सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता पर जोर देना चाहिए।

कोलकाता, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कोलकाता के उत्तर 24 परगना जिले के नैहाटी में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत हो रही सुनवाई में एक 63 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतक का नाम रत्ना चक्रवर्ती बताया गया है।

परिवार के अनुसार, महिला मंगलवार को सुनवाई के लिए बैरकपुर नंबर 1 बीडीओ ऑफिस गई थीं, जहां उन्हें हार्ट अटैक आ गया।

जब सीने में दर्द हुआ, तो उन्हें तुरंत नादिया जिले के कल्याणी स्थित गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार द्वारा यह आरोप लगाया गया कि एसआईआर की सुनवाई के लिए बुलाए जाने से उत्पन्न घबराहट के कारण बुजुर्ग महिला की जान गई।

मौत की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन घटना के बाद किसी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई। रत्ना चक्रवर्ती के परिवार में उनके बेटे, बहू और एक पोती शामिल हैं। पति की मृत्यु के बाद, रत्ना को रेलवे में नौकरी मिली थी।

वे लगभग तीन वर्ष पहले उस नौकरी से रिटायर हुई थीं। हाल ही में, एसआईआर की सुनवाई के दौरान, बुजुर्ग महिला को भारत के चुनाव आयोग से सुनवाई का नोटिस प्राप्त हुआ था।

परिवारिक सूत्रों के अनुसार, नोटिस में कहा गया था कि चूंकि 2002 की वोटर लिस्ट में उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्हें सुनवाई केंद्र पर उपस्थित होना आवश्यक था।

उन्हें आवश्यक दस्तावेज लाने के लिए कहा गया था। इसके बाद, रत्ना बीडीओ ऑफिस में सुनवाई के लिए आईं। उनके परिवार वाले भी उनके साथ थे।

परिवार का कहना है कि वहां पहुंचने के कुछ समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालांकि, उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉ. ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक महिला के एक रिश्तेदार, अभिजीत चक्रवर्ती ने स्थानीय पत्रकारों को बताया, "हालांकि बुजुर्ग महिला का नाम 2002 की रिवाइज्ड वोटर लिस्ट में नहीं था, लेकिन उन्होंने आयोग को आवश्यक दस्तावेज जमा किए थे।"

इस बीच, घटना के बाद, तृणमूल कांग्रेस के बैरकपुर सांसद पार्थ भौमिक, नैहाटी के तृणमूल विधायक सनात डे और अन्य लोग मृतक के परिवार को सांत्वना देने के लिए अस्पताल पहुंचे। तृणमूल नेतृत्व ने मृतक के परिवार को समर्थन का आश्वासन दिया।

Point of View

NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

रत्ना चक्रवर्ती कौन थीं?
रत्ना चक्रवर्ती एक 63 वर्षीय महिला थीं, जिनकी एसआईआर सुनवाई के दौरान हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई।
क्या एसआईआर सुनवाई से उनकी मृत्यु का संबंध है?
परिवार का आरोप है कि एसआईआर सुनवाई के कारण उत्पन्न घबराहट के कारण उनकी मृत्यु हुई।
क्या पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है?
हालांकि पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन घटना के बाद किसी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई।
रत्ना चक्रवर्ती के परिवार में कौन-कौन है?
उनके परिवार में एक बेटा, बहू और एक पोती शामिल हैं।
क्या रत्ना चक्रवर्ती ने पहले कभी चुनाव आयोग से संपर्क किया था?
हाँ, उन्हें चुनाव आयोग से नोटिस मिला था जिसमें उन्हें सुनवाई के लिए उपस्थित होने को कहा गया था।
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