सीवान विस्फोट: पटाखा बनाते वक्त भीषण धमाका, एक परिवार के 4 लोगों की मौत; रुक-रुककर जारी हैं धमाके
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के सीवान जिले में 23 अक्टूबर 2026 की शाम पटाखा निर्माण के दौरान हुए भीषण विस्फोट में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की पुष्टि हो गई है। घटना जामो थाना क्षेत्र के आलमपुर गाँव, आंद्रू पंचायत में हुई, जहाँ विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान का अगला हिस्सा ढह गया और मलबा सड़क तक बिखर गया। घटनास्थल पर अभी भी रुक-रुककर धमाके हो रहे हैं, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है।
घटना का विवरण
सीवान के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने बताया कि शुक्रवार शाम लगभग 5:20 बजे विस्फोट की सूचना मिली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मकान के भीतर पटाखे बनाने का काम चल रहा था, तभी यह हादसा हुआ। विस्फोट की आवाज़ दूर-दूर तक सुनी गई और पड़ोसी इलाकों में भी दहशत फैल गई।
ग्रामीणों और मुखिया से मिली जानकारी के अनुसार, उस परिवार में कुल सात सदस्य थे। रुक-रुककर हो रहे धमाकों के कारण फिलहाल शेष तीन सदस्यों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। एसपी सोनी ने कहा कि चिकित्सकीय टीम की पुष्टि के बाद ही मृतकों की अंतिम संख्या घोषित की जाएगी।
राहत और बचाव कार्य
पुलिस ने पूरे इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित किया है और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से ग्रामीणों को घटनास्थल से कम से कम 200 मीटर दूर रहने का अनुरोध किया गया है। मकान में अभी भी विस्फोटक सामग्री मौजूद होने की आशंका के चलते बचाव दल सावधानीपूर्वक काम कर रहा है।
घटनास्थल पर मेडिकल टीम, अग्निशमन विभाग, बिजली विभाग और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीमें पहुँच चुकी हैं। FSL टीम घटनास्थल से नमूने एकत्र करने में जुटी है।
लाइसेंस और कानूनी पहलू
पटाखा निर्माण के लाइसेंस को लेकर एसपी भारत सोनी ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार संबंधित परिवार के पास एक पुराना लाइसेंस था और वह करीब 20 वर्षों से पटाखे बनाने का काम करता आ रहा था। हालाँकि, पुलिस इस दावे का स्वतंत्र सत्यापन करेगी।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जाँच में यह पता लगाया जाएगा कि पटाखे कहाँ से आते थे और निर्माण वैध अनुमति के तहत हो रहा था या नहीं। एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार प्रशासन ने सभी अंचल अधिकारियों (CO) और थाना प्रभारियों (SHO) को लाइसेंस व पटाखा निर्माण गतिविधियों के सत्यापन का निर्देश दिया था। सत्यापन में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता पर असर और पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश भर में दिवाली के उपलक्ष्य में पटाखों की माँग चरम पर होती है और अनधिकृत पटाखा निर्माण इकाइयाँ सक्रिय हो जाती हैं। गौरतलब है कि बिहार समेत कई राज्यों में हर साल ऐसी दुर्घटनाएँ सामने आती हैं, जहाँ घरेलू स्तर पर पटाखा निर्माण के दौरान अकस्मात विस्फोट होते हैं।
स्थानीय प्रशासन ने तत्काल स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश शुरू कर दी है, लेकिन रुक-रुककर हो रहे धमाकों के चलते पूरी तस्वीर सामने आने में अभी समय लग सकता है।
क्या होगा आगे
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पूरे मामले की विधिवत जाँच शुरू होगी। FSL रिपोर्ट और चिकित्सकीय पुष्टि के बाद मृतकों की अंतिम संख्या तथा विस्फोट के कारणों की पूरी जानकारी सामने आने की उम्मीद है। प्रशासन द्वारा जिले में अन्य पटाखा निर्माण इकाइयों की भी जाँच कराई जाएगी।