सीवान पटाखा विस्फोट: बिहार के अलमापुर गांव में 3 की मौत, मकान का अगला हिस्सा ढहा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के सीवान जिले के बड़हरिया प्रखंड स्थित अलमापुर गांव में 23 अक्टूबर 2026 को पटाखे बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट में कम से कम तीन लोगों की मौत की पुष्टि पुलिस ने की है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मकान का अगला हिस्सा ध्वस्त होकर सड़क पर गिर गया और मलबा चारों ओर बिखर गया। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और राहत-बचाव कार्य जारी है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ विस्फोट
पुलिस के अनुसार, अलमापुर गांव के एक मकान में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी चपेट में मकान में रखे अन्य पटाखे भी आ गए और लगातार श्रृंखलाबद्ध विस्फोट होने लगे। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार धमाकों की आवाज करीब दो घंटे तक रह-रहकर सुनाई देती रही। शुरुआती रिपोर्टों में 20 से 25 मिनट तक लगातार विस्फोट होने की भी बात कही गई है।
मृतकों की संख्या पर असमंजस
पुलिस ने अब तक तीन लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है, हालाँकि स्थानीय ग्रामीण मृतकों की संख्या पाँच बता रहे हैं। पुलिस ने यह भी स्वीकार किया है कि मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। मलबे में और लोगों के दबे होने की संभावना को देखते हुए राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
घटनास्थल पर स्थिति
विस्फोट की तीव्रता के कारण मकान का अगला हिस्सा पूरी तरह ढह गया और मलबा सड़क पर फैल गया। धमाकों की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण दहशत में घरों से बाहर निकल आए। घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़हरिया और आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी।
जाँच और कानूनी पहलू
पुलिस विस्फोट के सटीक कारणों और परिस्थितियों की गहन पड़ताल कर रही है। मकान में किस स्तर पर और किसकी अनुमति से पटाखे बनाए जा रहे थे, यह जाँच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। गौरतलब है कि बिना लाइसेंस के घरों में पटाखे बनाना पूर्णतः अवैध है और ऐसी घटनाएँ बिहार सहित अन्य राज्यों में भी पहले सामने आ चुकी हैं।
आगे क्या
अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट से जुड़े सभी पहलुओं की जाँच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। गांव में शोक का माहौल है। मृतकों की वास्तविक संख्या और घायलों की स्थिति को लेकर अगले कुछ घंटों में स्थिति अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।