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चम्पाहाटी पटाखा विस्फोट: दक्षिण 24 परगना में 5 घायल, 2 की हालत गंभीर

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चम्पाहाटी पटाखा विस्फोट: दक्षिण 24 परगना में 5 घायल, 2 की हालत गंभीर

सारांश

पश्चिम बंगाल के चम्पाहाटी में एक संदिग्ध अवैध पटाखा इकाई में विस्फोट से 5 लोग घायल, 2 गंभीर। मछली व्यवसाय की आड़ में जंगल में बने घर में पटाखे बनाने के आरोप। पुलिस जाँच जारी, असली कारण अभी अज्ञात।

मुख्य बातें

चम्पाहाटी (दक्षिण 24 परगना) में 20 अगस्त को पटाखा निर्माण इकाई में विस्फोट, 5 लोग घायल ।
पद्मरानी नस्कर (52) और अब्बास गाजी की हालत गंभीर, कोलकाता के अस्पताल में भर्ती।
स्थानीय लोगों का आरोप — बापी नास्कर ने मछली व्यवसाय की आड़ में जंगल में घर बनाकर अवैध पटाखे बनाए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आतिश बिस्वास के नेतृत्व में बारुईपुर पुलिस जाँच में जुटी।
विस्फोट का वास्तविक कारण अभी तक अज्ञात ; दमकल विभाग को भी सूचित किया गया।

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के चम्पाहाटी में गुरुवार, 20 अगस्त को एक संदिग्ध पटाखा निर्माण इकाई में हुए जोरदार विस्फोट में पाँच लोग घायल हो गए। घायलों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनकी पहचान पद्मरानी नस्कर (52 वर्ष) और अब्बास गाजी के रूप में हुई है। विस्फोट की आवाज़ से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

घटनाक्रम: कैसे हुआ विस्फोट

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, चम्पाहाटी के एक आवासीय घर में पटाखे बनाए जा रहे थे, जब अचानक जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज़ सुनकर आसपास के निवासी तुरंत मौके पर पहुँच गए। घर के भीतर मौजूद पाँचों व्यक्ति इस विस्फोट में घायल हो गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

घायलों को सबसे पहले बारुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर रूप से घायल मरीज़ों को बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के एक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। पुलिस ने इसकी पुष्टि की है।

अवैध पटाखा निर्माण के आरोप

स्थानीय निवासियों के एक वर्ग ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, बापी नास्कर नामक व्यक्ति ने मछली व्यवसाय की आड़ में इलाके से कुछ दूरी पर जंगल में एक घर बनाया था। आरोप है कि उस घर में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। हालाँकि, विस्फोट के वास्तविक कारण की अभी तक कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में अवैध पटाखा निर्माण इकाइयों से जुड़े विस्फोट की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी राज्य के विभिन्न जिलों में ऐसी दुर्घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, जो अनधिकृत विस्फोटक सामग्री के भंडारण को लेकर प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठाती हैं।

पुलिस की कार्रवाई और जाँच

घटना की सूचना मिलते ही बारुईपुर पुलिस जिले की भारी पुलिस टुकड़ी तत्काल मौके पर पहुँची। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आतिश बिस्वास के नेतृत्व में अधिकारियों ने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि उस घर में किस प्रकार की सामग्री रखी गई थी, वहाँ पटाखे बनाए जाते थे या नहीं, और क्या कोई विस्फोटक या ज्वलनशील पदार्थ भंडारित था।

साथ ही, दमकल विभाग को भी तुरंत सूचित कर दिया गया। स्थानीय निवासियों की शिकायतों के आधार पर अवैध पटाखा निर्माण की संभावना की भी जाँच की जा रही है।

आम जनता पर असर

विस्फोट के बाद चम्पाहाटी और आसपास के इलाकों में भय और अनिश्चितता का माहौल है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब राज्य में त्योहारी सीज़न नज़दीक है और पटाखों की माँग बढ़ती है — जिससे अवैध इकाइयों की सक्रियता का जोखिम और अधिक हो जाता है। प्रशासन की जाँच के नतीजे तय करेंगे कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर प्रशासन की नज़र बार-बार चूकती रही है। मछली व्यवसाय जैसे आड़ का इस्तेमाल बताता है कि ये इकाइयाँ कितनी चालाकी से काम करती हैं — और स्थानीय निगरानी तंत्र कितना कमज़ोर है। त्योहारी सीज़न से पहले ऐसी घटना एक चेतावनी है कि बिना सख्त छापेमारी और लाइसेंसिंग सुधार के, यह सिलसिला नहीं रुकेगा।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चम्पाहाटी पटाखा विस्फोट में कितने लोग घायल हुए?
विस्फोट में कुल 5 लोग घायल हुए, जिनमें से 2 की हालत गंभीर है। गंभीर रूप से घायल पद्मरानी नस्कर और अब्बास गाजी को कोलकाता के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चम्पाहाटी विस्फोट कब और कहाँ हुआ?
यह विस्फोट 20 अगस्त, गुरुवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के चम्पाहाटी में एक आवासीय घर में हुआ, जहाँ कथित तौर पर पटाखे बनाए जा रहे थे।
क्या चम्पाहाटी में पटाखे अवैध रूप से बनाए जा रहे थे?
स्थानीय निवासियों के अनुसार, बापी नास्कर नामक व्यक्ति ने मछली व्यवसाय की आड़ में जंगल में बने घर में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे । हालाँकि पुलिस अभी इसकी जाँच कर रही है और कोई पुख्ता पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
बारुईपुर पुलिस जिले की टुकड़ी तत्काल मौके पर पहुँची और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आतिश बिस्वास ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस घर में रखी सामग्री, विस्फोटक पदार्थों की मौजूदगी और अवैध पटाखा निर्माण की संभावना की जाँच कर रही है।
घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
सभी घायलों को पहले बारुईपुर अस्पताल ले जाया गया। बाद में दो गंभीर रूप से घायल मरीज़ों को कोलकाता के एक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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