छह भारतीय जहाजों ने सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया, भारत की भागीदारी यूके बैठक में

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छह भारतीय जहाजों ने सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया, भारत की भागीदारी यूके बैठक में

सारांश

विदेश मंत्रालय ने बताया कि छह भारतीय जहाजों ने सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर लिया है। नई दिल्ली ईरान के साथ संपर्क में रहकर भारतीय जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित कर रहा है।

Key Takeaways

  • छह भारतीय जहाजों ने सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया।
  • भारत ईरान के साथ संचार में है।
  • यूके द्वारा आयोजित बैठक में भारत की भागीदारी।
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है।
  • ईरान ने भारत के जहाजों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है।

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने पुष्टि की है कि एलपीजी, एलएनजी जैसे सामान ले जाने वाले छह भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर चुके हैं। इसके साथ ही, क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच, नई दिल्ली ने भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान और अन्य देशों से लगातार संपर्क बनाए रखा है।

नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत, यूके द्वारा आयोजित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर होने वाली बैठक में भाग लेगा।

फारस की खाड़ी में फंसे कच्चे तेल और एलपीजी ले जाने वाले 18 भारतीय झंडे वाले जहाजों की आवाजाही में तेजी लाने के लिए ईरान एवं अन्य देशों से बातचीत के संदर्भ में, जायसवाल ने कहा, "हम ईरान और अन्य देशों से संपर्क में हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमारे जहाजों के लिए बिना रुकावट और सुरक्षित मार्ग मिल सके, जिनमें एलपीजी, एलएनजी और अन्य उत्पाद शामिल हैं। पिछले कुछ दिनों से चल रही इस बातचीत के परिणामस्वरूप, हमारे छह भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुके हैं। हम इस मुद्दे पर संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं।"

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, "यूके ने भारत सहित कई देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। हमारी ओर से विदेश सचिव इस बैठक में भाग ले रहे हैं।"

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, विशेषकर क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तेल आपूर्ति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।

जब उनसे कुछ रिपोर्टों के बारे में पूछा गया जिनमें कहा गया था कि भारत होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों के ट्रांजिट के लिए टोल चुका रहा है, तो जायसवाल ने उत्तर दिया, "हमने पहले भी इस मुद्दे को स्पष्ट किया है। हमारे और ईरान के बीच इस तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है।"

पिछले महीने, ईरान ने घोषणा की थी कि वह भारत सहित पांच "मित्र" देशों के जहाजों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाएगा, जिससे वे इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजर सकें, जबकि अन्य देशों के लिए पहुंच सीमित बनी हुई है।

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने अराघची के हवाले से कहा, "दुश्मन को स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत देने का कोई कारण नहीं है। हमने कुछ ऐसे देशों को गुजरने की इजाजत दी है जिन्हें हम दोस्त मानते हैं; हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान को ट्रांजिट करने की इजाजत दी है।"

Point of View

NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्या है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जहाँ से विश्व के अधिकांश तेल का परिवहन होता है।
भारत ने ईरान के साथ संवाद क्यों बनाए रखा है?
भारत ने अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान और अन्य देशों के साथ संवाद बनाए रखा है।
क्या भारतीय जहाजों पर कोई प्रतिबंध है?
ईरान ने घोषणा की है कि वह भारत सहित कुछ मित्र देशों के जहाजों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाएगा।
भारत की यूके बैठक का उद्देश्य क्या है?
भारत की यूके बैठक का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर स्थिति की समीक्षा करना और जहाजों की आवाजाही को सुनिश्चित करना है।
क्या भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में टोल का भुगतान किया?
भारत ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया है कि उसके और ईरान के बीच इस तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है।
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