क्या दक्षिणी राज्यों में बारिश होगी? मछुआरों को समुद्र में जाने से रोका गया

Click to start listening
क्या दक्षिणी राज्यों में बारिश होगी? मछुआरों को समुद्र में जाने से रोका गया

सारांश

दक्षिण भारत में मौसम को प्रभावित करने वाला एक कम दबाव का सिस्टम बन रहा है। इससे मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। जानें इससे जुड़े सभी महत्वपूर्ण अपडेट।

Key Takeaways

  • कम दबाव का सिस्टम केरल तट के पास सक्रिय है।
  • दक्षिण भारत में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।
  • मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह।
  • तेज हवाओं के कारण खराब मौसम की चेतावनी।
  • लोगों को सरकारी अपडेट्स का पालन करने की सलाह।

चेन्नई, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। चेन्नई मौसम विभाग के अनुसार, केरल तट के समीप दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में एक कम दबाव का सिस्टम विकसित हो चुका है और इसके दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में मौसम पर प्रभाव डालने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने बताया है कि मंगलवार को दक्षिणी जिलों में एक या दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। खासकर, दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ भागों और पश्चिमी घाट के किनारे वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। अन्य क्षेत्रों में मौसम सामान्यतः सूखा रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 28 जनवरी से 30 जनवरी तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में मौसम सूखा रहने की संभावना है। हालाँकि, इसके बाद मौसम में बदलाव की उम्मीद है।

31 जनवरी और 1 फरवरी को, कम दबाव वाले सिस्टम के प्रभाव से, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में विभिन्न स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

इसके साथ, इस सिस्टम के कारण समुद्र में तेज सतही हवाएं चलने की भी संभावना है। मंगलवार और बुधवार को दक्षिणी तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन सागर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ खराब मौसम की स्थिति बन सकती है। 29 और 30 जनवरी को भी कोमोरिन सागर क्षेत्र में ऐसी ही हवाएं चलने की संभावना है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए, मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे बताए गए दिनों में प्रभावित क्षेत्रों में समुद्र में न जाएं, क्योंकि खराब समुद्री हालात और तेज़ हवाओं से जान और माल को गंभीर खतरा हो सकता है।

मौसम अधिकारियों ने तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक अपडेट का पालन करने की अपील की है।

हालांकि इस समय भारी बारिश की आशंका नहीं है, लेकिन रुक-रुक कर होने वाली बारिश और तेज हवाओं से कुछ परेशानियाँ हो सकती हैं, विशेषकर कमजोर क्षेत्रों में।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र कम दबाव वाले सिस्टम की गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रख रहा है और आश्वासन दिया है कि यदि मौसम के पैटर्न में कोई बड़ा परिवर्तन होता है, तो आगे और सलाह जारी की जाएगी। लोगों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक पूर्वानुमानों और चेतावनियों पर भरोसा करें और जरूरी सावधानियां बरतें, खासकर तेज हवाओं और खराब मौसम की स्थिति के दौरान।

Point of View

यह घटना दर्शाती है कि मौसम की स्थिति हमेशा अप्रत्याशित हो सकती है। हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए और मौसम विभाग की सलाह पर ध्यान देना चाहिए। इस प्रकार की घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि हम प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहें।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

कम दबाव का सिस्टम क्या है?
कम दबाव का सिस्टम ऐसा मौसम प्रणाली है जिसमें वायुमंडलीय दबाव सामान्य से कम होता है, जिससे बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना होती है।
मछुआरों को समुद्र में जाने से क्यों रोका गया है?
मौसम विभाग ने खराब समुद्री हालात और तेज हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र में जाने से रोकने की सलाह दी है।
Nation Press