SPARK 5.0 और आयुर्शोध 2026 लॉन्च: BAMS छात्रों को ₹50,000 की स्कॉलरशिप, 300 सीटें उपलब्ध
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) ने 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयुर्वेद अनुसंधान को नई दिशा देने के लिए दो महत्वपूर्ण पहलें शुरू कीं — SPARK 5.0 और CCRAS आयुर्शोध 2026। NCISM की अध्यक्ष प्रो. मनीषा कोठेकर ने इन योजनाओं का शुभारंभ किया, जिनका मुख्य उद्देश्य स्नातक आयुर्वेद छात्रों में शोध संस्कृति को पोषित करना और विद्वतापूर्ण उत्कृष्टता को प्रोत्साहन देना है।
SPARK 5.0 क्या है और किसे मिलेगा लाभ
SPARK यानी स्टूडेंटशिप प्रोग्राम फॉर आयुर्वेद रिसर्च नॉलेज का यह पाँचवाँ संस्करण है, जिसे शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) द्वारा संचालित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत BAMS के तृतीय, चतुर्थ और व्यावसायिक वर्ष के छात्र अल्पकालिक स्वतंत्र शोध परियोजनाओं पर कार्य करेंगे।
इस बार कुल 300 स्टूडेंटशिप प्रदान की जाएंगी और प्रत्येक चयनित छात्र को ₹50,000 की वित्तीय सहायता मिलेगी। पात्रता के लिए अनिवार्य है कि छात्र NCISM और भारत सरकार से मान्यता प्राप्त किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय में नामांकित हों।
आवेदन की तिथियाँ और प्रक्रिया
SPARK 5.0 के लिए पंजीकरण 15 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होगा और आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। यह कार्यक्रम BAMS छात्रों में शोध अभिरुचि, विश्लेषणात्मक सोच और अनुसंधान को करियर विकल्प के रूप में अपनाने की प्रारंभिक प्रेरणा देने का प्रयास करता है।
CCRAS आयुर्शोध 2026: तीन श्रेणियों में पुरस्कार
CCRAS आयुर्शोध 2026 आयुर्वेद अनुसंधान में उल्लेखनीय योगदान को मंच और मान्यता देने की एक स्वतंत्र पहल है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे:
पहली श्रेणी CCRAS-प्रबोध में शोधार्थियों को 3 मिनट की थीसिस प्रस्तुति के माध्यम से अपने शोध का संचार और प्रस्तुतीकरण करना होगा। दूसरी श्रेणी CCRAS-प्रकाश में मूल अनुसंधान पर आधारित प्रकाशनों के ज़रिये विद्वतापूर्ण उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा। तीसरी श्रेणी CCRAS-नवोन्मेष में नवोन्मेषी प्रोटोटाइप, नई प्रक्रियाएँ और परिवर्तनकारी शोध पद्धतियों को मान्यता दी जाएगी।
पुरस्कार राशि का विवरण द्वितीय सर्कुलर में उल्लिखित है। इसमें श्री धूतपापेश्वर लिमिटेड द्वारा प्रायोजित पुरस्कार भी शामिल हैं। इस प्रतिस्पर्धा का फाइनल 11 दिसंबर 2026 को आयोजित होगा।
शुभारंभ कार्यक्रम में कौन-कौन थे उपस्थित
लॉन्च कार्यक्रम में CCRAS के महानिदेशक प्रो. रबीनारायण आचार्य, श्री धूतपापेश्वर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ डॉ. रणजीत पुराणिक, NCISM के विभिन्न बोर्डों के अध्यक्ष और देश भर के CCRAS संस्थानों के प्रमुख उपस्थित रहे।
आयुर्वेद शोध पारिस्थितिकी तंत्र पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैज्ञानिक आधार पर सुदृढ़ करने के प्रयास तेज कर रही है। गौरतलब है कि CCRAS का यह कदम BAMS स्तर पर शोध की नींव रखने की दिशा में एक संरचित प्रयास है, जो आगे चलकर उच्च शिक्षा और नीति-निर्माण दोनों को प्रभावित कर सकता है। इन पहलों से उभरती अनुसंधान प्रतिभाओं को एक संस्थागत मंच मिलेगा और आयुर्वेद को साक्ष्य-आधारित चिकित्सा विज्ञान के रूप में स्थापित करने की प्रक्रिया को गति मिलेगी।