क्या श्रवण कुमार ने टीएमसी से पूछा, नकली मतदाता से कब तक जीतते रहोगे?
सारांश
Key Takeaways
- श्रवण कुमार ने टीएमसी पर नकली मतदाता मुद्दा उठाया।
- बुलेट ट्रेन का स्वागत किया जाना चाहिए।
- पुलिस कार्रवाई को सही ठहराया गया।
- इंदौर की घटना पर जांच की प्रक्रिया जारी है।
- राजनीति में असली मतदाता की अहमियत पर जोर दिया गया।
पटना, २ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह नकली मतदाताओं के वोट पर चुनाव जीतने का प्रयास कर रही है। यह प्रतिक्रिया टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी द्वारा एसआईआर के विरोध के बाद आई है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग पर टीएमसी नेताओं द्वारा उठाए गए सवाल निराधार हैं। यदि किसी व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट से हटाया जा रहा है, जो पिछले १०, १५ या ५ साल पहले मृत हो गया था, तो यह चुनाव आयोग की प्रशंसा का विषय है। टीएमसी को आयोग की सराहना करनी चाहिए कि वह नकली मतदाताओं को हटा रहा है। यदि किसी महिला की शादी १० साल पहले हो गई है, तो उसके वोट का स्थान ससुराल या मायके में होना चाहिए।
श्रवण कुमार ने सवाल किया कि नकली मतदाता से कब तक जीतते रहोगे? असली मतदाता से मिली जीत का अनुभव ही अलग होता है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले बड़े दावे करने वाले इंडी अलायंस में शामिल दल चुनाव के बाद टूटकर बिखर जाते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में इंडी अलायंस ने बड़े दावे किए, लेकिन अंततः बिहार की जनता ने असली स्थिति दिखाई। अब कांग्रेस राजद को अपने लिए एक बोझ समझने लगी है।
दानापुर एनकाउंटर पर श्रवण कुमार ने कहा कि जब पुलिस किसी अपराधी को पकड़ने जाती है और उन पर हमला होता है, तो वे अपनी रक्षा के लिए कार्रवाई करते हैं। अगर इसके परिणामस्वरूप कोई घटना होती है, तो उसे एनकाउंटर नहीं कहा जा सकता।
भारत की पहली बुलेट ट्रेन पर श्रवण कुमार ने कहा कि सभी इसका स्वागत करेंगे और यह एक अच्छी बात है। जो ट्रेनें अभी चल रही हैं, उन्हें सही तरीके से चलना चाहिए और नई ट्रेनें, जैसे कि बुलेट ट्रेन, भी शामिल होनी चाहिए। यदि इन पहलों से नागरिकों को अधिक सुरक्षा और सुविधा मिलती है, तो यह सरकार की एक सराहनीय पहल है।
इंदौर की घटना पर श्रवण कुमार ने कहा कि यह घटना दुखद है। वहां की सरकार जांच कर रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों, इसके लिए योजनाएँ बनानी चाहिए।