श्रीनगर हवाई अड्डे पर सैटेलाइट फोन के आरोप में दो अमेरिकी पर्यटक हिरासत में
सारांश
Key Takeaways
- भारत में सैटेलाइट फोन का उपयोग नियंत्रित है।
- विशेष अनुमति के बिना सैटेलाइट फोन रखना गैरकानूनी है।
- विदेशियों को कस्टम में जानकारी देना अनिवार्य है।
- थुराया और इरिडियम सेवाओं का उपयोग भारत में प्रतिबंधित है।
- सुरक्षा नियमों का उल्लंघन गंभीर कानूनी परिणाम दे सकता है।
श्रीनगर, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रविवार को श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो अमेरिकी पर्यटकों के सामान में सैटेलाइट फोन मिलने के बाद उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
पुलिस की जानकारी के अनुसार, सैटेलाइट फोन की खोज के बाद इन पर्यटकों को रोका गया।
पुलिस का कहना है, "जांच के दौरान एक प्रतिबंधित संचार उपकरण पाया गया, जिसके चलते उन्हें पूछताछ के लिए रोका गया।"
सूत्रों के मुताबिक, भारत में सैटेलाइट फोन नियंत्रित उपकरण माने जाते हैं और इसके उपयोग के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है।
अधिकारियों का कहना है कि इस उपकरण की खोज के बाद तुरंत सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की गई और दोनों से पूछताछ की गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्होंने कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है या नहीं।
भारतीय नियमों के अनुसार, सैटेलाइट फोन रखने और उपयोग करने के लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य है। यदि इसे हवाई अड्डे पर घोषित नहीं किया जाता है, तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस अब इन पर्यटकों के यात्रा इतिहास और उनके भारत आने के उद्देश्य की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नियमों का पालन हुआ या नहीं। आगे की कार्रवाई जांच के परिणामों के आधार पर की जाएगी।
भारत में बिना अनुमति के सैटेलाइट फोन का उपयोग गैरकानूनी है और इसे भारतीय टेलीग्राफ एक्ट के तहत सख्ती से नियंत्रित किया जाता है। बिना अनुमति ऐसे उपकरण रखने पर गिरफ्तारी और जुर्माना भी हो सकता है।
विदेशी नागरिकों और भारतीयों को दूरसंचार विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य है और भारत आने पर इन उपकरणों की जानकारी कस्टम विभाग को देनी होती है।
थुराया और इरिडियम जैसी विदेशी सैटेलाइट सेवाओं का उपयोग भारत में पूरी तरह से प्रतिबंधित है और उन्हें साथ लाने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सैटेलाइट फोन, जैसे कि बीएसएनएल द्वारा उपलब्ध कराई गई सेवाएं, ही उपयोग की जा सकती हैं।
ये फोन आमतौर पर दूर-दराज के क्षेत्रों, ट्रैकिंग और पर्वतारोहण के दौरान उपयोग किए जाते हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता, लेकिन हर बार इसके लिए अलग से अनुमति जरूरी होती है।
बिना अनुमति सैटेलाइट फोन रखने पर गिरफ्तारी और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यदि किसी को इसकी अनुमति मिलती है, तो उसे भारत आने पर कस्टम में इसकी जानकारी देना अनिवार्य है। नियमों के अनुसार, थुराया और इरिडियम फोन भारत में लाना सख्त मना है।