क्या सुबह की सरल आदतें बच्चों के दिमाग को तेज बना सकती हैं?
सारांश
Key Takeaways
- सुबह गुनगुना पानी और खजूर बच्चों की ऊर्जा बढ़ाते हैं।
- हल्की सूरज की रोशनी ध्यान को बढ़ाती है।
- 5 मिनट का ब्रेन योगा मानसिक स्पष्टता में मदद करता है।
नई दिल्ली, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बच्चों का दिमाग तेजी से सीखता है, लेकिन इसे सही शुरुआत की आवश्यकता होती है। सुबह का समय हमेशा से दिमाग के लिए सबसे शांत और असरदार माना गया है। यही कारण है कि आयुर्वेद में प्रातःकाल को बुद्धि-वर्धक समय कहा गया है। यदि बच्चे सुबह कुछ सरल आदतें अपना लें, तो उनकी याददाश्त, ध्यान और सीखने की क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
अच्छी बात यह है कि बच्चों की मेमोरी बढ़ाने के लिए किसी जटिल रूटीन की आवश्यकता नहीं होती, बस छोटी-छोटी सही आदतें बड़ा बदलाव ला सकती हैं। आइए ऐसी तीन आसान और असरदार सुबह की आदतों को समझते हैं, जिन्हें घर पर आसानी से अपनाया जा सकता है।
सबसे पहली आदत है सुबह गुनगुना पानी और एक खजूर देना। रातभर की नींद के बाद शरीर और दिमाग को सबसे पहले हाइड्रेशन की आवश्यकता होती है। गुनगुना पानी शरीर को धीरे-धीरे सक्रिय करता है और बच्चों को हल्कापन महसूस करवाता है। खजूर में मौजूद नैचुरल ग्लूकोज दिमाग को तुरंत ऊर्जा देता है, जिससे बच्चा सुबह पढ़ाई में अधिक ध्यान केंद्रित कर पाता है। कई बार हम बच्चों को सुबह-सुबह दूध या चाय दे देते हैं, जो कई बच्चों के लिए भारी पड़ सकती है। इसके मुकाबले पानी और खजूर हल्का, आसान और पाचन के लिए भी अच्छा माना जाता है। यह रूटीन 5 साल से बड़े बच्चों के लिए उपयुक्त है।
दूसरी आदत है सुबह की हल्की और कोमल सूरज की रोशनी को 2–3 मिनट देखना। तेज धूप में नहीं, बस हल्की-सी प्राकृतिक रोशनी की ओर देखना होता है। यह रोशनी दिमाग को नैचुरल तरीके से सक्रिय करती है और मूड को बेहतर बनाती है। इससे बच्चे का अलर्टनेस लेवल बढ़ता है और पढ़ने का मन जल्दी तैयार हो जाता है। धीरे-धीरे इस आसान सी आदत से ध्यान और एकाग्रता भी बढ़ती है।
तीसरी आदत है 5 मिनट का ब्रेन योगा, जिसमें नाड़ी शोधन और ब्रह्मरी शामिल हैं। नाड़ी शोधन दिमाग को शांत करता है और ऑक्सीजन के प्रवाह को संतुलित करता है, जबकि ब्रह्मरी की गुनगुनाहट की आवाज मानसिक स्पष्टता में मददगार मानी जाती है। छोटी सी यह प्रैक्टिस बच्चों को दिनभर शांत, केंद्रित और सीखने के लिए तैयार रखती है।
आयुर्वेद में बच्चों का दिमाग कफ प्रधान माना जाता है। इसलिए सुबह की गर्माहट, हल्की धूप और हल्का योग तीनों मिलकर उनके मानसिक संतुलन को बेहतर बनाते हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी सुबह की हाइड्रेशन, सूर्य प्रकाश और योग दिमाग को फ्रेश और सक्रिय बनाते हैं।